उठ रहे हैं तीखे सवाल…?
यक्ष प्रशन VIP कोच में आखिर घुसा कैसे शातिर चोर..?
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़]
रेलवे यात्रियों को सुरक्षित सफर का दावा करती है, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। अब आरक्षित AC कोच भी चोरों के लिए आसान निशाना बन गए हैं। टाटा–इतवारी एक्सप्रेस के बी-2 एसी कोच में सफर कर रहे यात्री का 1.56 लाख रुपये का लैपटॉप बैग चोरी हो गया। बाद में RPF ने रायपुर से एक हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार कर पूरा सामान बरामद कर लिया लेकिन इस कार्रवाई से कहीं बड़ा सवाल रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर खड़ा हो गया है।
आखिर आरक्षित AC कोच में हिस्ट्रीशीटर अपराधी घुसा कैसे..?
क्या टिकट जांच सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई है…?
कोच अटेंडेंट, टीटीई और सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी के बावजूद यदि एक शातिर चोर आराम से एसी कोच में प्रवेश कर लाखों का सामान लेकर निकल सकता है, तो यात्रियों की सुरक्षा किसके भरोसे है…?
रेलवे सुरक्षा बल ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी को गिरफ्तार कर सराहनीय कार्य किया, लेकिन इससे यह सवाल खत्म नहीं होता कि जिस सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी रेलवे की है, उसमें इतनी बड़ी सेंध आखिर लगी कैसे…?
उठ रहे हैं तीखे सवाल:-
आरक्षित AC कोच में बिना वैध यात्रा के प्रवेश कैसे मिला…?
क्या टीटीई और कोच स्टाफ ने संदिग्ध की जांच नहीं की?
क्या एसी कोचों की सुरक्षा सिर्फ कागजों में है…?
घटना के वक्त रेलवे सुरक्षा व्यवस्था आखिर कहां थी…?
चोर पकड़ा गया, लेकिन रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था बेनकाब हो गई। अब यात्रियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब प्रीमियम किराया देकर भी AC कोच सुरक्षित नहीं हैं, तो रेलवे के सुरक्षा दावे आखिर कितने भरोसेमंद हैं…?

