पार्टी के समर्पित सिपाही को मिली अहम जिम्मेदारी जनता के बीच सक्रिय छवि का मिला पुरूस्कार…
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़]
भारतीय जनता पार्टी ने बिलासपुर नगर निगम के एल्डरमैन चयन में ठीक भारतीय क्रिकेट टीम की तर्ज पर उन चेहरों पर भरोसा जताया है, जिन्होंने लंबे समय तक संगठन और जनता के बीच लगातार काम किया। इसी कड़ी में भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता योगेश बोले को नगर निगम का एल्डरमैन नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति को संगठन के प्रति निष्ठा, सक्रियता और जनसेवा के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।

योगेश बोले लंबे समय से भाजपा संगठन के सक्रिय और समर्पित कार्यकर्ताओं में गिने जाते हैं। पार्टी के हर अभियान में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है। आम लोगों की समस्याओं को लेकर वे लगातार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच आवाज उठाते रहे हैं। संगठन के निर्देशों का पालन और जनता के बीच उनकी सक्रिय मौजूदगी ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिलाई है।

संगठन की चली, समर्पण का मिला सम्मान
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी एल्डरमैन सूची ने यह स्पष्ट कर दिया कि भाजपा में संगठन सर्वोपरि है। जिला कोर ग्रुप द्वारा प्रदेश नेतृत्व को भेजे गए नामों पर लगभग पूरी तरह मुहर लगी है। लंबी चर्चा और मंथन के बाद जिन 11 नामों का चयन हुआ, उनमें योगेश बोले भी प्रमुख चेहरों में शामिल हैं।
संघ और भाजपा की पृष्ठभूमि वाले चेहरों को प्राथमिकता।

बिलासपुर नगर निगम के लिए नियुक्त 11 एल्डरमैन में अधिकांश कार्यकर्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा की वैचारिक पृष्ठभूमि से जुड़े हैं। पार्टी ने ऐसे नेताओं को जिम्मेदारी दी है, जिन्होंने वर्षों तक संगठन के लिए निष्ठा के साथ कार्य किया।

बिलासपुर विधानसभा से छह चेहरों को मौका
बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र से जुगल किशोर अग्रवाल, चंद्रप्रकाश मिश्रा, योगेश बोले, विष्णु सोनी, आलोक सिंह ठाकुर और लाल्टू घोष को एल्डरमैन बनाया गया है। वहीं बिल्हा से ज्ञानचंद कौशिक और रामू साहू, बेलतरा से संतोष दुबे और भगवती साहू तथा तखतपुर से अशोक ठाकुर को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जनसेवा और संगठन के बीच मजबूत कड़ी
योगेश बोले की पहचान ऐसे कार्यकर्ता के रूप में रही है, जो पार्टी संगठन और आम जनता के बीच मजबूत सेतु का काम करते हैं। सामाजिक गतिविधियों से लेकर जनसमस्याओं के समाधान तक उनकी सक्रिय भूमिका रही है।

उनकी नियुक्ति से भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है और इसे संगठन द्वारा समर्पित कार्यकर्ताओं को दिया गया सम्मान माना जा रहा है।

राज्य शासन के आदेश के अनुसार यह मनोनयन तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा।


