आज वही सपना हुआ पूरा न्यायधानी के पुलिस कप्तान की निभा रहे अहम ज़िम्मेदारी… सबसे भरोसेमंद पुलिसिंग का बने चेहरा…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर प्रेस क्लब के प्रतिष्ठित हमर पहुना कार्यक्रम में शुक्रवार को एक ऐसा संवाद हुआ, जिसने सिर्फ पुलिसिंग की उपलब्धियों को ही नहीं, बल्कि एक पुलिस अधिकारी के संघर्ष, संवेदनशीलता और सेवा के जज़्बे को भी सामने ला दिया। न्यायधानी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने अपने जीवन के अनछुए पहलुओं से लेकर अपराध नियंत्रण की रणनीति तक खुलकर चर्चा की और बताया कि एक छोटे से सपने ने कैसे उन्हें प्रदेश के सबसे प्रभावी पुलिस अधिकारियों में शामिल कर दिया।

प्रेस क्लब अध्यक्ष अजीत मिश्रा ने पुष्पगुच्छ भेंट कर एसएसपी का स्वागत किया। कार्यक्रम में शहर के वरिष्ठ पत्रकारों की उपस्थिति रही, जहां सवाल-जवाब के बीच पुलिसिंग के कई प्रेरणादायक और रोचक किस्से सामने आए।
स्कूल के बाहर दिखती थी वर्दी, वहीं से जन्मा पुलिस अफसर बनने का सपना एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि बचपन में उनके स्कूल के पास एसपी कार्यालय था। रोज़ पुलिस अधिकारियों को आते-जाते देखकर उनके मन में वर्दी के प्रति सम्मान और आकर्षण पैदा हुआ। यही आकर्षण आगे चलकर लक्ष्य बना। ग्वालियर और सिंगरौली में पढ़ाई के बाद रायपुर में एलएलबी की शिक्षा पूरी की और फिर लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण कर पुलिस सेवा में प्रवेश किया। नक्सल प्रभावित इलाकों से लेकर कई संवेदनशील जिलों में सेवा देने के बाद आज वे बिलासपुर की कानून व्यवस्था की कमान संभाल रहे हैं।

कड़ी कार्रवाई का परिणाम 22 अपराधियों को उम्रकैद, 9.5 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त
एसएसपी ने बताया कि बिलासपुर पुलिस ने गंभीर अपराधों में प्रभावी पैरवी करते हुए 22 अपराधियों को आजीवन कारावास की सजा दिलाई। वहीं अपराध से अर्जित संपत्ति पर प्रहार करते हुए 7 आरोपियों की करीब 9.5 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई। महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में भी पुलिस ने तेज़ और प्रभावी कार्रवाई कर कई महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल की हैं।
नशे पर सबसे बड़ा वार, साइबर अपराध अब सबसे बड़ी चुनौती
उन्होंने कहा कि अधिकांश अपराधों की जड़ नशा है, इसलिए नशे के कारोबार के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। वहीं वर्तमान दौर में साइबर अपराध सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। इससे निपटने के लिए गांव-गांव हमर संगवारी समूह बनाकर लोगों को साइबर ठगी से बचने की जानकारी दी जा रही है।
16 डकैती का खुलासा बना यादगार उपलब्धि
अपने सेवा काल का उल्लेख करते हुए एसएसपी ने बताया कि दुर्ग जिले में पदस्थापना के दौरान 16 डकैती मामलों का सफल खुलासा उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा। तकनीक, मजबूत सूचना तंत्र और सटीक रणनीति के दम पर अपराधियों तक पहुंच बनाई गई।
सिर्फ अपराध नियंत्रण नहीं, पुलिस परिवार का भी रखा ध्यान
रजनेश सिंह ने कहा कि स्मार्ट पुलिसिंग केवल आधुनिक तकनीक से नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और पुलिस जवानों के बेहतर मनोबल से संभव है। इसी सोच के तहत पुलिस अस्पताल, कैंटीन और अन्य कल्याणकारी सुविधाओं को शुरू किया गया है या प्रक्रिया में हैं।

युवाओं के नाम संदेश-ऊर्जा को सही दिशा दें
कार्यक्रम के अंत में एसएसपी ने युवाओं से समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील करते हुए कहा कि युवाओं की इच्छाशक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है। यदि वही शक्ति कानून, न्याय और समाज सेवा की दिशा में लगे तो एक सुरक्षित और आदर्श समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने नागरिकों से भी अपराध और अपराधियों की सूचना देकर पुलिस का सहयोग करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन पर प्रेस क्लब अध्यक्ष अजीत मिश्रा ने एसएसपी रजनेश सिंह को शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष विजय क्रांति तिवारी, सह सचिव हरि किशन गंगवानी, कार्यकारिणी सदस्य कैलाश यादव सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ पत्रकार उपस्थित रहे।
जनहित न्यूज़ की विशेष टिप्प्णी…!
संघर्ष से निकला सपना सेवा बना संकल्प और आज न्यायधानी को मिला ऐसा कप्तान जिसकी पहचान सिर्फ वर्दी नहीं, बल्कि भरोसेमंद पुलिसिंग है।

