जलभराव वाले हर संवेदनशील इलाके का किया निरीक्षण नालों की समय पर सफाई का दिखा असर…
24 सक्रिय रहेगा बाढ़ नियंत्रण कक्ष…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर लगातार हो रही बारिश के बीच नगर निगम की मानसून तैयारियां अब ज़मीन पर असर दिखाने लगी हैं। शहर में बड़े पैमाने पर जलभराव की स्थिति नहीं बनने पर नगर निगम की पूर्व तैयारी और समयबद्ध नाला-नाली सफाई अभियान की सराहना हो रही है। इसी बीच सोमवार को निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे स्वयं शहर के जलभराव संभावित क्षेत्रों में पहुंचे और व्यवस्थाओं का जायजा लेकर अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए।

कमिश्नर ने चौबे कॉलोनी, जोरापारा, बंधवापारा, सिम्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के समीप, मंगला, अभिषेक विहार, गंगानगर, हंसा विहार, श्रीकांत वर्मा मार्ग, तालापारा और भारती नगर सहित कई संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में अधिकांश नालों और नालियों में वर्षा जल का प्रवाह सुचारु मिला, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि मानसून पूर्व चलाए गए दो चरणों के विशेष सफाई अभियान का सकारात्मक परिणाम सामने आया है।
कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारिश के पूरे मौसम में सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाए और जरूरत पड़ते ही तत्काल अमला व संसाधन मौके पर पहुंचें, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

24 घंटे सक्रिय रहेगा बाढ़ नियंत्रण कक्ष
बारिश और अरपा नदी के बढ़ते जलस्तर जैसी संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए नगर निगम ने विकास भवन में 24 घंटे संचालित बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। यहां तीन पालियों में अधिकारियों, इंजीनियरों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष का हेल्पलाइन नंबर: 07752-471224

आपातकालीन व्यवस्था के लिए अपर आयुक्त खजांची कुम्हार, मुख्य अभियंता राजकुमार मिश्रा तथा अधीक्षण अभियंता एस.पी. साहू को नोडल जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा संभावित प्रभावित लोगों के सुरक्षित ठहराव के लिए सामुदायिक, शासकीय और निजी भवन भी चिन्हित किए गए हैं। वहीं सभी जोन कमिश्नरों को सड़क के गड्ढों की तत्काल मरम्मत और जर्जर भवनों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

नगर निगम का दावा है कि मानसून के दौरान पूरी टीम अलर्ट मोड पर है और शहरवासियों को जलभराव व अन्य बारिशजनित समस्याओं से राहत दिलाने के लिए हर स्तर पर सतत निगरानी रखी जा रही है।

