बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी (CSPTCL) ने बिजली क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार हॉटलाइन स्ट्रिंगिंग तकनीक के माध्यम से बिना बिजली आपूर्ति बाधित किए 400 केवी ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा किया। इस आधुनिक तकनीक ने न केवल उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई, बल्कि यह साबित कर दिया कि अत्याधुनिक इंजीनियरिंग और कुशल योजना से चुनौतीपूर्ण कार्य भी बिना शटडाउन के पूरे किए जा सकते हैं।
765/400 केवी बिलासपुर पूल (सीपत) से 400/220 केवी धरदेही (मुंगेली) सब-स्टेशन तक निर्माणाधीन ट्रांसमिशन लाइन को पहले से चालू उच्चदाब बिजली लाइनों और रेलवे ट्रैक के ऊपर से ले जाना था। सामान्य स्थिति में इसके लिए कई महत्वपूर्ण लाइनों का शटडाउन आवश्यक होता, लेकिन अनुमति नहीं मिलने पर ट्रांसमिशन कंपनी ने हॉटलाइन स्ट्रिंगिंग तकनीक अपनाई और पूरी सुरक्षा के साथ कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ के चेयरमेन सुबोध कुमार सिंह ने इस उपलब्धि पर अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि बिना बिजली आपूर्ति प्रभावित किए आधुनिक तकनीक से परियोजना पूरी करना कंपनी की तकनीकी दक्षता और कार्यकुशलता का उत्कृष्ट उदाहरण है।

प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि 2 जून से 27 जून 2026 के बीच इस तकनीक के जरिए तीन हाई वोल्टेज पावर लाइन क्रॉसिंग और घुटकु-कलमितर रेलवे सेक्शन के बीच रेलवे ट्रैक क्रॉसिंग का कार्य सुरक्षित ढंग से पूरा किया गया। इससे बिजली उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई और परियोजना भी समय पर आगे बढ़ सकी।
इस चुनौतीपूर्ण कार्य को कार्यपालन अभियंता, ईएचटी (निर्माण), बिलासपुर की निगरानी में विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों तथा एल एंड टी की टीम ने सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए सफलतापूर्वक पूरा किया। इस उपलब्धि में कार्यपालक निदेशक (लाइन) संजय पटेल, मुख्य अभियंता (परियोजना) प्रसन्ना गोसावी, अधीक्षण अभियंता वीवीएस कंवर तथा कार्यपालन अभियंता जीआर जायसवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
यह उपलब्धि केवल एक तकनीकी सफलता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के बिजली तंत्र को आधुनिक, विश्वसनीय और निर्बाध बनाने की दिशा में एक सराहनीय एवं ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है।

