47 मामलों की सुनवाई कई विवादों का मौके पर हुआ निराकरण अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने पुलिस को दोबारा जांच के दिए निर्देश…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक और प्रभारी सदस्य सरला कोसरिया ने मंगलवार को बिलासपुर में आयोजित जनसुनवाई में महिला उत्पीड़न से जुड़े 47 प्रकरणों की सुनवाई की। जल संसाधन विभाग के प्रार्थना सभाकक्ष में हुई इस सुनवाई के दौरान कई मामलों का मौके पर निपटारा किया गया, जबकि गंभीर मामलों में संबंधित विभागों और पुलिस को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

जनसुनवाई का सबसे चर्चित मामला उस परिवार का रहा, जिसमें दो बेटियों ने अपने पिता पर उनकी मां को झूठे NDPS प्रकरण में फंसाने का गंभीर आरोप लगाया। बेटियों का दावा था कि उनके पिता ने मेडिकल स्टोर के माध्यम से नशीली दवाएं रखवाकर उनकी मां को फंसाया, जिसके चलते वह पिछले छह माह से जेल में हैं। आयोग के समक्ष यह भी आरोप लगाया गया कि पिता ने भरण-पोषण से बचने के लिए मेडिकल स्टोर का फर्जी विक्रय दिखाया, जबकि आज भी उसी प्रतिष्ठान में कार्यरत हैं और दूसरी शादी भी कर चुके हैं।

सुनवाई के दौरान मौजूद एडिशनल एसपी रश्मित कौर चावला से आयोग ने मामले की जानकारी ली। आयोग ने सरकंडा थाना को निर्देश दिए कि जब्त दवाइयों के स्रोत, खरीदी-बिक्री और मेडिकल स्टोर से उनके संबंध की दोबारा गहन जांच की जाए, ताकि वास्तविक दोषी तक पहुंचा जा सके और यदि महिला निर्दोष है तो उसे न्याय मिल सके। आयोग ने बेटियों को पारिवारिक न्यायालय में भरण-पोषण और अन्य कानूनी अधिकारों के लिए कार्रवाई करने की सलाह भी दी।

इसके अलावा शिक्षकों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद, वैवाहिक विवाद, समझौते, तलाक, भरण-पोषण, दूसरी शादी और साइबर शिकायतों से जुड़े मामलों की भी सुनवाई हुई। कई मामलों में दोनों पक्षों की सहमति से प्रकरण समाप्त कर दिए गए, जबकि कुछ मामलों में पुलिस और संबंधित अधिकारियों को जांच एवं कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

महिला आयोग ने स्पष्ट किया कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उन्हें त्वरित न्याय दिलाने के लिए जनसुनवाई की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी तथा प्रत्येक प्रकरण का विधिसम्मत निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

