315 मरीजों को मिला आधुनिक उपचार 10 अत्याधुनिक मशीनों से मिल रही विशेषज्ञों की निगरानी में गुणवत्तापूर्ण डायलिसिस सेवा…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर किडनी रोगियों के लिए राहत का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। संस्थान के मेडिसिन विभाग के अंतर्गत संचालित डायलिसिस यूनिट में मरीजों को अत्याधुनिक तकनीक के साथ आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क हेमोडायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। विशेषज्ञ चिकित्सकों, प्रशिक्षित तकनीशियनों और नर्सिंग स्टाफ की सतत निगरानी में मरीजों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार दिया जा रहा है।
जनवरी से जून 2026 के बीच डायलिसिस यूनिट में 315 मरीजों के कुल 3,060 सफल हेमोडायलिसिस सत्र संपन्न किए गए। इनमें सप्ताह में दो बार डायलिसिस कराने वाले 45 मरीजों के 1,080 सत्र, सप्ताह में तीन बार डायलिसिस कराने वाले 116 मरीजों के 1,400 सत्र तथा भर्ती (आईपीडी) 154 मरीजों के 580 डायलिसिस सत्र शामिल हैं। यह उपलब्धि सिम्स की निरंतर और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमाण है।
वर्तमान में यूनिट में 10 अत्याधुनिक डायलिसिस मशीनों के माध्यम से नियमित उपचार किया जा रहा है। यह सफलता मेडिसिन विभाग के डॉ. आशुतोष कोरी के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में कार्यरत समर्पित टीम की मेहनत का परिणाम है। डायलिसिस यूनिट की सिस्टर इंचार्ज श्रीमती वंदना घोष, यूनिट इंचार्ज फलेश्वर कश्यप तथा डायलिसिस टेक्निशियन रोशन, अजय, नेहा और सतीश ने मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई। वहीं हाउसकीपिंग स्टाफ मालती, राजू और मीना संक्रमण नियंत्रण एवं स्वच्छता बनाए रखने में लगातार सराहनीय योगदान दे रहे हैं।

सिम्स अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि संस्थान का लक्ष्य प्रत्येक जरूरतमंद मरीज को आधुनिक एवं निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। डायलिसिस यूनिट में उपलब्ध आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ टीम के कारण मरीजों को बेहतर उपचार मिल रहा है तथा भविष्य में सेवाओं का और विस्तार किया जाएगा।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि सिम्स की डायलिसिस यूनिट आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है, जहां उपचार की गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है। चिकित्सकों, तकनीशियनों, नर्सिंग एवं सहायक स्टाफ के समन्वित प्रयासों से मरीजों को सुरक्षित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण डायलिसिस सेवाएं लगातार उपलब्ध कराई जा रही हैं।

किडनी रोगियों के लिए सिम्स की यह पहल न केवल आधुनिक उपचार को सुलभ बना रही है, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को भी बड़ी राहत दे रही है। आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क डायलिसिस सुविधा प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में सिम्स की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हो गई है।

