आजीवन कारावास की सजा काट रहे 82 वर्षीय बंदी की हुई मौत…!
लगातार हो रही मौतों से उठे सवाल…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर केंद्रीय जेल में एक बार फिर एक बंदी की मौत का मामला सामने आया है। मंगलवार को आजीवन कारावास की सजा काट रहे 82 वर्षीय बंदी सुखराम साहू की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उसे तत्काल छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण हृदयाघात माना जा रहा है, लेकिन वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
मृतक सुखराम साहू, पिता स्वर्गीय शिवदयाल साहू, तिफरा के यादव मोहल्ला निवासी थे। वह हत्या के एक मामले में न्यायालय द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे। जानकारी के अनुसार वर्ष 1997 में हत्या के मामले में जेल भेजे जाने के बाद उन्हें जमानत मिल गई थी, लेकिन वर्ष 2014 में न्यायालय ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जिसके बाद से वे बिलासपुर केंद्रीय जेल में निरुद्ध थे।
मंगलवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने पर जेल प्रशासन ने बिना देर किए उन्हें सिम्स भेजा। चिकित्सकों ने उपचार के हरसंभव प्रयास किए, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

केंद्रीय जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी ने बताया कि प्रथम दृष्टया बंदी की मौत हृदयाघात से होना प्रतीत हो रही है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। मामले की सूचना संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है तथा पंचनामा, पोस्टमार्टम और अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।

इस घटना के बाद एक बार फिर बिलासपुर केंद्रीय जेल में लगातार हो रही बंदियों की मौतों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि इस मामले में अभी तक किसी प्रकार की लापरवाही की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने जेल में स्वास्थ्य सुविधाओं और वृद्ध बंदियों की नियमित चिकित्सकीय निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष पर टिकी हुई है।

