अब हर गली-मोहल्ले तक पुलिस की होगी पहुंच मजबूत…!
नई पहल बेहतर कार्य पर पुरस्कार…! लापरवाही पर होगी कार्रवाई…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, कानून-व्यवस्था को और सशक्त बनाने तथा आम नागरिकों के बीच पुलिस की सतत मौजूदगी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बिलासपुर पुलिस ने बीट प्रणाली को नए स्वरूप में लागू कर दिया है। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (आईपीएस) ने जिले के विभिन्न थाना-चौकियों के लिए 48 आधुनिक मोटरसाइकिलों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वायरलेस, सायरन और फ्लैश लाइट से लैस इन दोपहिया वाहनों के जरिए अब बीट प्रभारी 24 घंटे शिफ्टवार अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहेंगे।

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक थाना और चौकी क्षेत्र को उपलब्ध पुलिस बल के अनुसार अलग-अलग बीटों में विभाजित किया गया है। हर बीट की जिम्मेदारी एक अधिकारी या कर्मचारी को सौंपते हुए उसे थाना प्रभारी का सहायक बनाया गया है। बीट प्रभारी अपने क्षेत्र में आपराधिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक, सांप्रदायिक, छात्र एवं श्रमिक गतिविधियों पर लगातार नजर रखेंगे। इसके साथ ही हिस्ट्रीशीटर, असामाजिक तत्वों, नवागंतुकों, किरायेदारों और संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी भी नियमित रूप से एकत्र की जाएगी।

डीआईजी-एस एस पी रजनेश सिंह ने बीट प्रभारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस की वास्तविक पहचान जनता के बीच उसकी सक्रिय उपस्थिति से बनती है। बीट अधिकारी अपने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों की रोकथाम, प्राथमिक सूचना संकलन, नागरिकों से समन्वय और सामुदायिक पुलिसिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों, स्कूलों, बाजारों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में नियमित भ्रमण करते हुए जुआ, सट्टा, नशा, तस्करी, चोरी, नकबजनी, लूट, चेन स्नैचिंग, छेड़छाड़, अड्डेबाजी और गुंडागर्दी जैसी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए।

बीट प्रणाली को और अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए प्रत्येक बीट प्रभारी को बीट रजिस्टर, बीट डायरी, हिस्ट्रीशीटर एवं गुंडा सूची, जनसंपर्क रजिस्टर, शिकायत एवं सूचना रजिस्टर, किरायेदार सत्यापन रजिस्टर तथा भूमि विवाद रजिस्टर जैसे महत्वपूर्ण अभिलेख नियमित रूप से संधारित करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे क्षेत्र की प्रत्येक गतिविधि का व्यवस्थित रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा और अपराध विश्लेषण में भी मदद मिलेगी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को विभागीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि बीट प्रणाली न केवल अपराध नियंत्रण को नई मजबूती देगी, बल्कि आरक्षक स्तर तक के पुलिस जवानों को नेतृत्व, जिम्मेदारी और नई पहचान भी प्रदान करेगी।

बीट प्रणाली की नियमित मॉनिटरिंग के लिए बहुस्तरीय समीक्षा व्यवस्था भी लागू की गई है। थाना प्रभारी प्रत्येक सप्ताह, सीएसपी एवं एसडीओपी प्रत्येक पखवाड़े तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रत्येक माह इसकी समीक्षा करेंगे। वहीं डीआईजी-एसएसपी रजनेश सिंह स्वयं इस पूरी व्यवस्था की लगातार निगरानी करेंगे, ताकि बिलासपुर पुलिस अपराध नियंत्रण, जनसुरक्षा और सामुदायिक पुलिसिंग के क्षेत्र में और बेहतर परिणाम हासिल कर सके।

