सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
जेल में मचा हड़कंप…! कलेक्टर
एसएसपी एफएसएल टीम मौके पर पहुंची जांच शुरू…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर छत्तीसगढ़ की सबसे हाई सिक्योरिटी मानी जाने वाली बिलासपुर सेंट्रल जेल बुधवार शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब डबल मर्डर के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा एक कैदी जेल परिसर में स्थापित गैसीफायर प्लांट की जलती भट्ठी में कूद गया। भीषण गर्मी और आग की लपटों के बीच कैदी की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने जेल प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है और हाई सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान राहुल उर्फ विकेश (46 वर्ष), पिता अमर सिंह कंवर, निवासी बांबरिंदीह (चांपा) के रूप में हुई है। वह वर्ष 2014 से डबल मर्डर के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। बुधवार शाम करीब 4:15 बजे उसने अचानक जेल परिसर में स्थित करीब 20 फीट गहरे गैसीफायर फायर चैंबर में छलांग लगा दी। यह गैसीफायर लकड़ियों से गैस तैयार कर जेल की रसोई में भोजन पकाने के लिए उपयोग किया जाता है और घटना के समय पूरी तरह तप रहा था।

गर्मी इतनी कि शव निकालना भी बना मुश्किल
घटना के बाद जेल प्रशासन ने तत्काल बचाव की कोशिश की, लेकिन भट्ठी का तापमान अत्यधिक होने के कारण शव को तुरंत बाहर निकालना संभव नहीं हो सका। अधिकारियों के अनुसार मशीन के ठंडी होने के बाद ही शव को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई।

सायरन बजा, मचा हड़कंप:-
घटना की सूचना मिलते ही जेल परिसर में सायरन बजाकर आपात स्थिति घोषित कर दी गई। सूचना पर कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, पुलिस अधिकारी और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जेल कर्मचारियों से पूछताछ शुरू कर दी है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल:-
सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक सजायाफ्ता कैदी हाई सिक्योरिटी जेल के उस संवेदनशील हिस्से तक कैसे पहुंच गया, जहां गैसीफायर प्लांट संचालित होता है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के समय किन कर्मचारियों की ड्यूटी थी और कहीं सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही तो नहीं हुई।
जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई:-
प्रारंभिक तौर पर इसे आत्मघाती कदम माना जा रहा है, लेकिन कैदी ने ऐसा क्यों किया, इसके पीछे कोई मानसिक तनाव, विवाद या अन्य कारण था, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस, जेल प्रशासन और एफएसएल की टीम सभी पहलुओं से मामले की जांच में जुटी हुई है।
नाम न छापने की शर्त पर जेल सूत्रों के अनुसार यह बताया कि जेल के गोदाम का वीआईपी खाना सप्लाई को लेकर ठेका होता है जिसका ठेका वहां लाटा महराज को मिला है। जिसके साथ मिलकर मृतक भी खाना सप्लाई का काम करता था, जिसमें लाटा महराज के पास लगभग 100 ग्राहक जो वीआईपी खाना खाते थे जिसका मोटा पैसा भी वसूल किया जाता है और मृतक विकेश के पास लगभग 10 ग्राहक थे। बीते 3 दिन पूर्व लाटा महराज से मृतक का झगड़ा हुआ और वह उसे यह कहते हुए फटकार लगाया कि गोदाम का ठेका मेरा पैसा भी मैं ही दू जेल प्रशासन को कमाएगा तू इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। जिसके बाद लाटा महराज के द्वारा मृतक विकेश के 10 ग्राहक को भी लाटा महराज खाना सप्लाई करने लगा।

मृतक का जेल में इसी पैसे से खर्च चलता था न ही उससे कोई मिलने आता और न ही कोई उसके लिए पैसे भिजवाता, जिससे यह कार्य करके वह अपना जरूरत को पूरा करता था। विवाद और ग्राहक छिनने से क्षुब्द होकर वह आज ये घटना घट गई। अब सवाल यह उठता है कि क्या यह वीआईपी खाना का ठेका राज्य सरकार के नियम से हो रहा है कि अब जेल के अधिकारियों का अपना बनाया हुआ नियम है। अगर इस बात को देखें तो जेल में अब विभिन्न कारणों से कई मौतें हो गई है जिसे जेल प्रबंधन द्वारा कभी गिरकर तो कभी अस्वस्थ होने से मौत होना बताया जा रहा है।

