निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने अधिकारियों को बैठक में दिए सख्त निर्देश लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण
पर दिया जोर…
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर नगर पालिक निगम बिलासपुर के कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर शहर की नागरिक सुविधाओं, निर्माण कार्यों, जनशिकायतों और शासन की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में कमिश्नर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शहर के फुटपाथ केवल पैदल चलने वालों के लिए हैं। इन्हें हर हाल में अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और पैदल यात्रियों की राह में किसी तरह की बाधा न हो।
कमिश्नर ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए अधिकारियों को फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने के लिए ट्रैफिक विभाग के साथ समन्वय कर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जरूरत के अनुसार बैरिकेड, रस्सी अथवा अन्य सरल उपायों से फुटपाथ को वाहनों की आवाजाही से अलग रखा जाए, ताकि नागरिकों को सुरक्षित पैदल मार्ग उपलब्ध हो सके।
बारिश में सफाई और पेयजल व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता:-
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए कमिश्नर ने साफ-सफाई, नाला-नालियों की सफाई और पेयजल की गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए जल निकासी व्यवस्था लगातार दुरुस्त रखी जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नागरिकों को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो तथा पानी की गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जाए। साथ ही शहर में कहीं भी सड़क पर निर्माण सामग्री बिखरी हुई नहीं दिखनी चाहिए। बिना अनुमति निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
लंबित शिकायतों के त्वरित निराकरण पर सख्ती। बैठक में सीएम हेल्पलाइन, सुशासन तिहार कलेक्टर टीएल, जनदर्शन, पीजीएन, पीएमओ ई-समाधान एवं अन्य जनशिकायतों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा की गई। कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक लंबित प्रकरण का गंभीरता से परीक्षण कर नियमानुसार समय-सीमा में निराकरण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित रखना स्वीकार नहीं किया जाएगा।

इसी क्रम में ओबीसी सर्वेक्षण एवं डेटा प्रविष्टि, निदान-1100, लोक सेवा गारंटी और सेवा सेतु पोर्टल की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कमिश्नर ने कहा कि ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों की नियमित मॉनिटरिंग हो और नागरिकों को शासकीय सेवाओं का लाभ समय पर मिले।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा पर जोर निगम क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। सांसद, विधायक एवं प्रभारी मंत्री निधि से स्वीकृत कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए उन्होंने स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण कराने और नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
आगामी गणेश एवं दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर भी बैठक में तैयारियों की समीक्षा की गई। कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को साफ-सफाई, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
न्यायालयीन मामलों में गंभीरता बरतने के निर्देश

बैठक में पारस पोर्टल, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, सुग्घर छत्तीसगढ़ पोर्टल, एबीसी रूल्स, सुप्रीम कोर्ट एवं हाईकोर्ट के कंटेम्प्ट प्रकरण, प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना तथा गौठान/कांजी हाउस के संचालन की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
कमिश्नर ने न्यायालयीन मामलों में समय पर जवाब प्रस्तुत करने और न्यायालय के निर्देशों का गंभीरता से पालन करने को कहा। इसके साथ ही ई-ऑफिस, आई-गॉट कर्मयोगी, ई-एचआरएमएस और स्पैरो से जुड़े कार्यों की भी जानकारी ली गई। उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग से विभागीय कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया।
राजस्व और वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने के निर्देश
निगम की वित्तीय स्थिति और बिजली बिल भुगतान की भी समीक्षा की गई। कमिश्नर ने राजस्व वसूली और वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने, लंबित देनदारियों की नियमित निगरानी करने तथा आवश्यक भुगतानों को नियमानुसार समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों को दो टूक कहा कि निगम का प्रत्येक विभाग सीधे नागरिकों से जुड़ा है। इसलिए अधिकारी अपने विभाग के लंबित मामलों की लगातार समीक्षा करें और समय-सीमा, पारदर्शिता तथा जवाबदेही के साथ काम करते हुए नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराएं।
बैठक में निगम के सभी विभागों के नोडल अधिकारी, जोन कमिश्नर एवं इंजीनियर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

