आज 35 मरीजों की जांच में 13 को आईपीडी में किया भर्ती…
समय पर पहचान और उपचार पर विशेषज्ञों ने दिया जोर…
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़]
बिलासपुर छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर में सेवा संकल्प अभियान-2026 के तहत कैंसर रोग विभाग द्वारा आयोजित विशेष परामर्श शिविर में 35 मरीजों की जांच एवं चिकित्सकीय मूल्यांकन किया गया। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों को आवश्यक जांच, उपचार और नियमित फॉलोअप के संबंध में परामर्श दिया। गंभीर अथवा आगे के उपचार की आवश्यकता वाले 13 मरीजों को आईपीडी में भर्ती कर उपचार प्रक्रिया शुरू की गई।
कैंसर रोग विभाग का यह विशेष परामर्श शिविर प्रत्येक शुक्रवार सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। शिविर का उद्देश्य कैंसर सहित गैर-संचारी रोगों की रोकथाम, लक्षणों की समय पर पहचान और मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराना है।
शुक्रवार को आयोजित शिविर में पहुंचे मरीजों का चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण किया। आवश्यकतानुसार आगे की जांच, उपचार और चिकित्सकीय निगरानी की सलाह दी गई। इनमें से 13 मरीजों को बेहतर उपचार एवं आगे की चिकित्सकीय प्रक्रिया के लिए आईपीडी में भर्ती किया गया।
लक्षणों को नजरअंदाज न करें
समय पर जांच जरूरी-:
कैंसर रोग विभागाध्यक्ष डॉ. चंद्रहास ध्रुव ने कहा कि कैंसर की प्रारंभिक अवस्था में पहचान होने पर उपचार अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से तंबाकू, गुटखा, बीड़ी-सिगरेट और अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने की अपील की। संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को भी उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि शरीर में असामान्य गांठ, लगातार दर्द, बिना स्पष्ट कारण वजन कम होना, लंबे समय तक ठीक न होने वाला घाव या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए। समय पर जांच और उपचार गंभीर स्थिति से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मरीजों को एक ही जगह मिल रहा विशेषज्ञ परामर्श-:
सिम्स अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य आम जनता को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। कैंसर जैसे गंभीर रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ प्रारंभिक स्तर पर विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध कराना अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी है।
उन्होंने बताया कि सिम्स में कैंसर मरीजों के लिए कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी परामर्श, सर्जरी तथा आवश्यक जांच एवं उपचार सुविधाओं को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। संस्थान का प्रयास है कि मरीजों को उपचार के लिए अनावश्यक रूप से अन्यत्र जाने की आवश्यकता न पड़े।
शिविर में डॉ. रमणेश मूर्ति, डॉ. चंद्रहास ध्रुव, डॉ. हेमू टंडन, डॉ. ऋचा अग्रवाल, डॉ. शिवम सोन थालिया और डॉ. एरिक केरकेट्टा सहित विभाग के अन्य चिकित्सक, नर्सिंग अधिकारी सरिता बहादुर एवं उज्वला दाश तथा सहयोगी स्टाफ मौजूद रहे। चिकित्सकों और स्टाफ ने मरीजों की जांच, परामर्श एवं उपचार संबंधी प्रक्रियाओं में सक्रिय भूमिका निभाई।
शिविर में पहुंचे मरीजों ने सिम्स प्रबंधन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि एक ही स्थान पर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श, आवश्यक जांच की सलाह और जरूरत पड़ने पर भर्ती की सुविधा मिलने से उपचार प्रक्रिया आसान हुई है। नियमित रूप से आयोजित हो रहे ऐसे शिविरों से कैंसर की समय पर पहचान और उपचार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

