युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर बोले…
पौने तीन साल में व्यवस्था में पारदर्शिता और युवाओं के विश्वास की बहाली पर सरकार का फोकस…
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] पीएससी की चयन प्रक्रिया पर उठे सवालों ने कभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के भरोसे को गहरी चोट पहुंचाई थी। मेहनत, तैयारी और वर्षों के संघर्ष के बावजूद चयन को लेकर सवाल उठने से युवाओं में यह धारणा बनी कि अवसर सभी के लिए समान नहीं हैं। अब सरकार के पौने तीन साल के कार्यकाल में व्यवस्था में पारदर्शिता के साथ युवाओं का खोया आत्मविश्वास लौटाने की दिशा में काम किए जाने का दावा किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर ने रविवार को बिलासपुर प्रेस क्लब के ‘हमर पहुंना’ कार्यक्रम में पत्रकारों से चर्चा करते हुए युवाओं से जुड़े मुद्दों, शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और खेल प्रतिभाओं को लेकर सरकार की पहल की जानकारी दी।
तोमर ने कहा कि शिक्षा रोजगार और स्वरोजगार का सबसे बड़ा आधार है। कोई युवा 10, 15 या 20 साल तक पढ़ाई कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है। ऐसे में यदि उसे यह लगे कि जिस पद के लिए वह दिन-रात मेहनत कर रहा है, वह अवसर पहले से किसी और के लिए तय है, तो उसका सरकार और पूरी व्यवस्था से विश्वास कमजोर होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में इसी भरोसे को बहाल करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
अब चयनित युवा सम्मान के साथ गांव लौट रहा।

युवा आयोग अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में आए दो पीएससी परिणामों के बाद चयनित युवाओं के प्रति समाज का नजरिया भी बदला है। उन्होंने कहा कि चयनित युवा अपने गांव में सम्मान के साथ लौट रहा है, उसका माला पहनाकर स्वागत हो रहा है और चौक-चौराहों पर उसका अभिनंदन किया जा रहा है।
तोमर ने कहा कि यह बदलाव युवाओं में अपने परिश्रम और चयन प्रक्रिया को लेकर बढ़ते आत्मविश्वास का संकेत है। उनका कहना था कि युवा को यह भरोसा होना चाहिए कि वह अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर आगे बढ़ सकता है।

हर जिले में मुफ्त पीएससी कोचिंग की तैयारी
तोमर ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश के प्रत्येक जिले में मुफ्त प्रशासनिक सेवा एवं पीएससी कोचिंग शुरू करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उनका कहना था कि आर्थिक स्थिति किसी प्रतिभाशाली युवा की तैयारी के रास्ते में बाधा नहीं बननी चाहिए।
उन्होंने बताया कि परीक्षा की तैयारी के साथ युवाओं का मनोबल बढ़ाने के लिए मोटिवेशनल कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। बिलासपुर, रायपुर और अंबिकापुर में छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। वहीं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को प्रेरित करने के लिए ‘सुपर-30’ के आनंद कुमार को भी आमंत्रित किया गया।

शिक्षा-रोजगार के साथ खेल प्रतिभाओं को भी मंच:-
युवा आयोग अध्यक्ष ने कहा कि युवाओं के विकास को केवल शिक्षा और रोजगार तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए भी पहल की जा रही है। युवा रत्न और खेल रत्न सम्मान के माध्यम से प्रतिभावान युवाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि छत्तीसगढ़ देश का इकलौता राज्य है, जहां युवा रत्न सम्मान दिया जा रहा है। उनका कहना था कि युवाओं को उनकी प्रतिभा के अनुरूप मंच, मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

‘युवा को व्यवस्था पर भरोसा होना जरूरी’
तोमर ने कहा कि युवाओं के मार्गदर्शन, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और प्रतिभाओं को मंच देने के लिए प्रयास लगातार जारी हैं। व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जहां किसी युवा को अपनी सफलता के लिए किसी सिफारिश या पहचान का सहारा लेने की जरूरत महसूस न हो। बल्कि वह अपनी मेहनत और प्रतिभा के भरोसे आगे बढ़ सके।

