पिछड़ी बस्तियों, अटल आवासों एवं सड़क किनारे रह रहे बच्चों को नशा मुक्त की शिक्षा के साथ दिए जा रहे संस्कार
19 जनवरी 2022
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] शहर की समाजिक संस्था विश्वाधारंम ने अब ऐसे कार्य की शुरुवात की है जो वास्तव में एक सभ्य समाज की आवश्यकता है जी हां हम बात कर रहे है संस्था की नवीन मुहिम संस्कार शाला की जहां इनके द्वारा शहर के पिछड़ी बस्ती, स्लम बस्तियों, अटल आवासों एवं सड़क किनारे रह कर जीवन यापन करने वाले परिवार के नन्हे नन्हे बच्चों को नशा मुक्त कर शिक्षा के साथ संस्कार वान बनाने का बीड़ा उठाया है।

इन बस्तियों में रहने वाले बच्चे ज्यादातर पन्नी उठाने, कबाड़ी बिनने, और भिक्षा मांगने जाते है उनसे प्राप्त धन राशि का उपयोग नशे के लिए करते है, बाल पन से नशा के गिरफ्त आए बच्चे जाने अंजाने अनेक अपराध करते है। जैसे चोरी करना, बात-बात कर लड़ाई करना तथा अपने हम उम्र बच्चियों का शोषण/अभद्रता करना जैसे अनेक अपराध शामिल है। संस्कार शाला मुहिम की संयोजिका सौम्य रंजीता ने बताया कि उनके द्वारा विगत एक माह से इस मुहिम को शहर के कई पिछड़ी बस्तियों में संचालित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया की शुरुवात में तो बच्चे नही आते थे और जो बच्चे आते थे वो नशे में होते थे, धीरे-धीरे उनको नशा से होने वाले नुकसान को बताकर अध्यात्म का मार्ग और ऐसी अनेक कहानियां बताने से अब लगभग 180 ऐसे बच्चे आने लगे है, जो अब लगातार संस्कार शाला आ रहे है, अभी इन बच्चो को मूल शिक्षा जैसे वर्णमल, अल्फाबेट, पहाड़ा, गिनती इत्यादि की शिक्षा दी जा रही है साथ ही उन्के मन को शांत करने के लिए गायत्री मंत्र भी सिखाया जा रहा है, अब यह बच्चे पन्नी उठाने एवं अन्य सभी असामजिक गतिविधियों से दूर होने लगे है।
संस्था के संस्थापक चंद्रकांत साहू ने बताया की 2022 के अंत तक उनका लक्ष्य है 2500 ऐसे पिछड़ी बस्तियों के बच्चो को शिक्षा के साथ संस्कार वान बना कर मुख्य धारा से जोड़ना है।

