स्वास्थ्य विभाग के चौकीदार की सड़क हादसे में मौत आक्रोशित ग्रामीणों ने शव रखकर किया चक्काजाम
31 जनवरी 2022
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़} बिलासपुर
जिस अस्पताल में चौकीदार की नौकरी थी उसी अस्पताल के बाहर एक्सीडेंट की घटना के बाद चौकीदार ने तड़पकर दम तोड़ दिया और हद तो तब हो गई जब उसका शव अस्पताल के बाहर ही तीन घंटे तक पड़ा रहा, लेकिन इस दौरान अस्पताल के किसी भी कर्मचारी ने शव की सुध भी नहीं ली। इधर जैसे ही इस घटना की जानकारी मृतक चौकीदार के परिजनों को हुई तो आक्रोशित लोगों अस्पताल के बाहर पहुंचे और शव रखकर प्रदर्शन करने लगे। आक्रोशित लोगों का कहना है कि, चौकीदार का एक्सीडेंट नहीं हुआ बल्कि उसकी हत्या की गई। फिलहाल मौके पर पुलिस की टीम भी पहुंची और गुस्साएं लोगों को शांत कराया गया।
दरसअल ये घटना मस्तूरी थाना क्षेत्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास की है। मृतक लक्षमण यादव 58 वर्ष निवासी ग्राम किरारी का रहने वाला था और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चौकीदारी करता था। रविवार रात वह अपने शिफ्ट में ड्यूटी करने के लिये तकरीबन साढ़े नौ बजे बाइक में सवार हो कर अस्पताल जा रहा था। इस दौरान अस्पताल के सामने ही तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। अज्ञात वाहन की चपेट में आने से चौकीदार बाइक से उछल कर पास के नाली में गिर पड़ा और उसकी बाइक बाहर ही पड़ी रही। हादसा इतना जबर्दस्त था कि, चौकीदार की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद तकरीबन तीन घण्टे तक अस्पताल के बाहर चौकीदार का शव पड़ा रहा। इस दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के एक भी डॉक्टर और न ही एक कर्मचारी शव की सुध लेने मौके पर पहुंचा इधर इस घटना की जैसे ही जानकारी मृतक के परिजनों और ग्रामीणों को हुई तो आक्रोशित लोग अस्पताल के बाहर पहुंचे और शव को सड़क में रख कर प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शन के चलते बिलासपुर- मस्तूरी मुख्य मार्ग घंटों तक अवरुद्ध रहा और गाड़ियों की लंबी लाइन लग गयी थी। परिजन ह्त्या का आरोप लगाते हुए हाइवा चालक की गिरफ्तारी और अनुकम्पा नियुक्ति व मुआवजे की मांग करने लगे। चक्काजाम की सूचना के बाद मौके पर मस्तूरी तहसीलदार ने जल्दा से जल्द अनुकम्पा नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करवाने व प्रावधानों के तहत मुआवजा दिलवाने का आश्वसन दिया गया, जिसके बाद जाम समाप्त हो गया।

