सफाई ठेका कंपनी के मैनेजर ने कहा मेरे ऊपर लगे सभी आरोप झूठे
12 फरवरी 2022
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] बिलासपुर
लाइंस ठेका कंपनी सफाई के विरुद्ध सफाई कर्मचारियों ने 6 दिन से स्वाभिमान को लेकर जो लड़ाई छेड़ रखी थी उसमें उनको आज एक तरह से सफलता प्राप्त हुई जिसमें सफाई ठेका कंपनी के शैलेंद्र सिंह के खिलाफ एफ आई आर दर्ज की गई जिसमे सफाई कर्मियों को संतुष्टि भरी धाराएं नहीं दिख रही क्योंकि उन सफाई कर्मियों का यह आरोप है कि हमें सफाई का काम करते समय जातिगत गाली दी गई। जिससे उन्होंने पहले सिटी कोतवाली फिर अजाक थाना मैं शिकायत दर्ज करने पहुंचे पर उनकी विगत 6 दिनों से सुनवाई ना होने पर सारे सफाई कर्मियों ने काम बंद हड़ताल शुरू कर दी और अंततः उनकी मांग को देखते हुए एफआई आर दर्ज की गई उसके बाद आज समस्त सफाई कर्मियों ने।

बिलासपुर प्रेस क्लब के माध्यम से प्रेस वार्ता में अपनी बातों को रखते हुए पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हमें संतुष्टि नहीं है और कंपनी के हेड शैलेंद्र सिंह की गिरफ्तारी की मांग करते हुए शासन प्रशासन को 15 दिन का समय दिया और यदि उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी अब यहां दूसरे पहलू पर नजर डालना भी बेहद लाजमी हो जाता है।
शैलेंद्र सिंह
जोकि विगत 4 सालों से इन सफाई कर्मियों को निरंतर काम करवाते हुए इनकी हर दुख सुख मैं भी साथ देता है यह बातें हैं लायंस कंपनी के सफाई ठेकेदार शैलेंद्र सिंह ने कहा की मैंने किसी को कभी भी जातिगत गाली नहीं दी और ना ही मेरा ऐसा कोई उद्देश्य है कि मैं किसी व्यक्ति विशेष को जातिगत प्रताड़ित करूं हां यह बात जरूर है कि जब से ठेका कंपनी ने सफाई कार्य को संभाला है तब से मुस्तैदी से पूरे नगर में सफाई का काम पूरी तत्परता और ईमानदारी से चल रहा है कहीं भी किसी प्रकार की कोताही हमारी कंपनी द्वारा बर्दाश्त नहीं की जाती है।
और रही बात वेतन की तो हर माह की 10 तारीख तक सभी को वेतन प्रदान किया जाता है।
लेकिन कुछेक छुटभैय्ये नेतागण इन गरीब सफाई कर्मियों को राजनीति का शिकार बनाते हुए अपनी रोटियां सेकने का काम कर रहे हैं जो कि सचमुच निंदनीय है और फिर अपनी कंपनी की कार्यशैली के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि हमारे हर क्षेत्र में सुपरवाइजर भी रहते हैं जो कि निरंतर नगर की सफाई व्यवस्था में चारों तरफ निगाह रखते हैं ताकि किसी भी प्रकार की कोताही ना हो पाए और इसके ऊपर एक गुप्तचर टीम भी होती है जो कि किसी एरिया में सफाई ना होने पर तुरंत फोटो खींचकर हमारी हेड ऑफिस दिल्ली में भेज दी जाती है जिसका मुझे जवाब देना तथा इन सारी सफाई कार्य की मेरे ऊपर जवाबदेही होती है ऐसे में कोताही बरतने पर मुझ पर भी कार्रवाई होती है 7 फरवरी को मुझे सुपरवाइजर के द्वारा सूचना दी गई की राजीव गांधी में सफाई कर्मी जो ड्यूटी में थे उन्होंने अपना काम बंद कर अन्य सफाई कर्मचारियों को आंदोलन करने की बात कहते हुए काम बंद करने प्रेरित किया और कारण यह बताया गया कि हमें वेतन नहीं मिला हमारी कंपनी का नियम है कि 10 तारीख तक हम सारे कर्मचारियों को वेतन प्रदान कर देते हैं लेकिन 7 तारीख से को ही इन लोगों ने बेवजह काम बंद कर आंदोलन करना शुरू कर दिया जोकि न्यायसंगत बात नहीं है दरअसल इनको कुछ छुटभैये नेता गणों ने भ्रमित करते हुए यह सलाह दी और उन्होंने ठेका पद्धति को समाप्त करने हेतु इस बेवजह के आंदोलन को जातिगत गाली और दुर्व्यवहार की शक्ल देकर मुझे बदनाम करने की साजिश रची मैंने विगत 4 सालों में कभी किसी से दुर्व्यवहार या अपशब्द नहीं कहे मैंने सदैव इन लोगों से अपने परिवार के सदस्यों की तरह व्यवहार किया लेकिन इनका इस तरह से बदला हुआ व्यवहार देखकर में सचमुच ही अचंभित हूँ, तथा अचानक से ये बदलाव मेरी समझ के परे है।
फिर भी यदि इन सफाई कर्मचारियों को मेरे किसी जाने अनजाने में कहे शब्दों का तनिक मात्र भी बुरा लगा हो तो मैं इनसे करबद्ध माफी मांगने तैयार हूं लेकिन इस तरह अचानक से काम बंद करने से नगर की सफाई व्यवस्था में जो दुर्गति हो रही है उसे वह दुरुस्त करें तथा मेरे ऊपर लगाए गए झूठे आरोप पर एक बार पुनः विचार करे अब यहाँ सफाई कर्मचारियों ने कामबंद आंदोलन करके अपनी बात पर अडिग रहते हुए। अंततः 6 दिन बाद ठेका कंपनी लायंस सर्विसेज के मैनेजर शैलेंद्र सिंह के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करा ही दी।

इस दौरान बिलासपुर नगर निगम के आला अधिकारियों ने भी मामले में हस्तक्षेप करते हुए शैलेंद्र सिंह को जांच तक के लिए उनके पद से हटा दिया और सफाई कर्मियों को काम पर वापस लौटने का आग्रह किया, लेकिन महिला सफाई कर्मी शैलेंद्र सिंह के खिलाफ एफ आई आर दर्ज होने की मांग पर अड़े रहे जिसके बाद शनिवार को शैलेंद्र सिंह के खिलाफ धारा 294 और 506 के तहत सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज किया गया।
सीएसपी स्नेहिल साहू ने कहा है कि इस मामले में जांच की जा रही है और अन्य अपराध पाए जाने पर धाराएं जोड़ी जाएगी।
और फिर आज सफाई कर्मियो ने प्रेस वार्ता में सोमवार से सफाई कार्य पर लौटने की बात कही इस सारे मामले में अब जमकर राजनीति भी होने लगी है। एक समाज के अलावा कुछ राजनीतिक दल भी इस आंदोलन को हाईजैक करने के प्रयास में है जिससे डर यही है कि कहीं असल मुद्दा भटक ना जाए।
दरअसल पहले सफाई व्यवस्था नगर निगम के मार्गदर्शन में होती थी फिर ठेका कंपनी के माध्यम से होने लगी जो कि नियंत्रित गति से चल रही है यहाँ सफाई ठेका कंपनी के मैनेजर का ये भी कहना है कि हमारी संस्था नियमनुसार सफाई का कार्य करती आ रही है और सफाई के कार्य मे कोताही बर्दाश्त नही करते जो कि शायद इनके नेता गण को पसंद नही और वे हर हालत में ठेका कंपनी पद्दति को बंद कर फिर से मनमर्जी से सफाई व्यवस्था करना चाह रहे है बस यही वजह है बाकी कोई मुद्दा ही नही और ये सफाई कर्मी बेवजह ही राजनीति का शिकार हो रहे है।
बहराल आज सफाई कर्मियों ने सोमवार से अपने काम पर लौटने की बात करते हुए एक चेतावनी भी दी कि यदि 15 दिवस के अंदर कोई उचित कार्यवाही नही की गई तो हम उग्र आंदोलन करेंगे।

