पर्दे के पीछे भू-माफिया के गेम को आखिर क्यो नही समझ पा रहा प्रशासन !
06 मार्च 2022
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] करोड़पति रिक्शा चालक भोंदू दास मानिकपुरी को सरकंडा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। भू-माफियाओं ने उनके नाम पर गौठान की 12 एकड़ शासकीय भूमि चढ़ाने के बाद करोड़ो का खेल खेलने की तैयारी में थे। लेकिन सवाल ये उठ रहा है कि एक निरीह व्यक्ति को गिरफ्तार कर आखिर पुलिस किस ताकतवर
भू- माफिया को बचाना चाह रही है। क्या राजस्व विभाग के अधिकारी बेदाग है…?
ज्ञात हो कि बिलासपुर जिले में राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है आए दिन नए-नए कारनामे सामने आ रहे हैं।

यहां भू माफियाओं के साथ पटवारी, आरआई, तहसीलदार, एसडीएम की भी मिलीभगत से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया था, जिसमे एक रिक्शा चालक भोंदू दास के नाम पर 50 करोड़ की सरकारी जमीन चढ़ा दी गई है। भोंदू दास मानिकपुरी अपना जीवन-यापन रिक्शा चलाकर या मजदूरी करके रोजीरोटी चलाता है। भू -माफियाओं ने तहसीलदार से मिलकर उसके नाम पर करोड़ों की शासकीय जमीन चढ़ा दी। राजस्व दस्तावेजों में भी काटछांटकर फर्जी रजिस्ट्री पेपर तैयार की और मोपका में गौठान के लिए आरक्षित 12 एकड़ शासकीय जमीन भोंदू दास मानिकपुरी के नाम चढ़ा दी। भू-माफियाओं ने खेल केवल यहीं नहीं खेला इसी भोंदूदास के नाम पर लगरा स्थित ट्रैफिक पार्क की 6 एकड़ जमीन के साथ मोपका चिल्हाटी में 40 एकड़ से अधिक जमीन राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करा लिए है। अब इसी मामले में एक नया मोड़ आया है। वर्तमान में कबीरधाम में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर संदीप ठाकुर ने सरकंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि साल पहले 2015-16 में जब वे बिलासपुर में बतौर तहसीलदार पदस्थ थे उस दौरान ग्राम लगरा के खसरा नंबर 633/1 और 637/2 द रकबा 5.70 एकड़ जमीन पर मझवा पारा निवासी भोंदू दास मानिकपुरी के नाम कूटरचना कर जमीन चढ़ाई गई थी। इस दौरान आरोपियों द्वारा फर्जी कागजात बनाकर और दस्तावेजों में छेड़खानी किए जाने की शिकायत की गई है। इस मामले में धारा 420, 467 468 , 471, 193, 120 बी के तहत मामला दर्ज करने का आवेदन सरकंडा थाने में पेश किया गया है। आवेदन में कहा गया है कि इस 5.70 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री 13 जून 1963 को विक्रेता वासला बी पति शेख रहमान अली निवासी जूना बिलासपुर के नाम 1996 97 तक लगातार राजस्व अभिलेख में दर्ज था।
अभिलेखों में आवेदक का नाम विलोपित होने के कारण अभिलेख सुधार का आवेदन तहसीलदार न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। विधिवत न्यायालय की कार्यवाही एवं दैनिक समाचार पत्र में इश्तेहार प्रकाशन, हल्का पटवारी प्रतिवेदन, शपथ पत्र के बाद कोई दावा आपत्ति प्राप्त नहीं होने पर आवेदक के नाम भूमि दर्ज कर दी गई। इस मामले में चली जांच के बाद ग्राम चिल्हाटी, ग्राम लगरा और ग्राम मोपका की भूमि के संबंध में भोंदू दास की भूमिका स्पष्ट होने पर भोंदू दास पर अपराध दर्ज किया गया है। इसके बाद आज उसकी गिरफ्तारी की गई है।
सुलगते सवाल…
01 जो भोंदूदास कभी तहसील कार्यालय में कदम नहीं रखा वह अपराधी कैसे हो गया?
02 जिस भोंदूदास को ये तक पता नहीं कि उसके नाम पर करोड़ों की जमीन है उसकी गिरफ्तारी कैसे हो गई ?
03 भोंदूदास बनकर कौन तहसील कार्यालय में फर्जी दस्तावेज पेश करता रहा ?
04 इस पूरे मामले में तत्कालीन तहसीलदार संदीप सिंह ठाकुर कितने दोषी है?

