आबकारी विभाग या फिर जेल प्रबंधन आखिर जिम्मेदार कौन?
16 मई 2022
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] सेंट्रल जेल में कैदी की मौत का मामला गंभीर हो गया है। परिजन मौत के लिए आबकारी विभाग को जिम्मेदार ठहरा रहा है लेकिन हालात जेल प्रबंधन पर सवाल उठा रहा है। हालांकि परिजनों की मांग और महापौर के पहल पर मजिस्ट्रियल जांच के आदेश हो चुके है। लेकिन इस मौत से कई सवाल उठ रहे है।
10 मई को आबकारी विभाग ने पचपेड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम चिल्हाटी निवासी छोटेलाल यादव पिता चैनु यादव (33 साल) को अवैध शराब बेचने के आरोप में गिफ्तार किया था। पंचनामा और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया था जहां से उसे जेल भेज दिया गया। जेल में चार दिन रहने के बाद 14 मई को उसकी मौत हो गई। शनिवार की रात उसकी हालत गंभीर होने पर उसे इलाज के लिए CIMS भेजा गया था जहां उसकी मौत हो गई।मौत के बाद परिजनों की इसकी सूचना दी गई।

जब परिजनों ने शव देखा तो दंग रह गए। मृतक के शरीर मे चोट के एक नहीं दर्जनों निशान थे। यहां तक कि कूल्हे में अप्रत्याशित चोट हतप्रभ करने वाला है। शव देखकर स्पष्ट है कि उसको जानवरों की तरह नोचा गया है। इसके बाद परिजनों ने आबकारी विभाग पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए शव लेने से इनकार कर दिया। बाद में महापौर रामशरण यादव के पहल पर मजिस्ट्रियल जांच के आदेश हो चुके है।

शव का पोस्टमार्टम करने के बाद परिजन को सौप ढिया गया और परिजन गांव लेकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया। लेकिन इस घटना से आबकारी विभाग की कार्यशैली और सेंट्रल जेल की ब्यवस्था कटघरे में आ गया है। आबकारी विभाग पर तो परिजन खुलेआम आरोप लगा रहे है। लेकिन यहां पर सेंट्रल जेल की ब्यवस्था पर भी सवालिया निशान लग गया है। आबकारी विभाग ने आरोपी को जेल भेजने के पहले MLC कराने का दावा कर रहा है। बकायदा उसे न्यायालय में भी पेश किया गया। जेल दाखिल करने के पहले तस्वीर भी खिंची जिसमें कही चोट के निशान नहीं दिख रही है। जेल दाखिल होने के चार दिन बाद आरोपी की मौत होती है। मृत आरोपी के शरीर मे दर्जनों चोट के निशान स्पष्ट दिख रहे है। तो क्या आरोपी के साथ जेल में मारपीट की गई, जिस तरह से आरोपी के गुदा द्वार में चोट के गंभीर निशान है उससे यह भी संदेह हो रहा है कि जेल में उसके साथ अप्राकृतिक कृत्य किया गया है। हालांकि अब इस मामले में जांच रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट हो पाएगी की मौत के लिए जिम्मेदार कौन है।

यदि शरीर मे चोट के निशान थे तो जेल प्रबंधन ने आरोपी जेल दाखिल कैसे कर लिया क्या मृतक के साथ जेल में मारपीट की गई।
यदि जेल इसके लिए मारपीट की गई है इसके लिए जिम्मेदार कौन है ?

न्याय की डयोढ़ी पर गुहार लगाते सवाल!
क्या आबकारी विभाग के कर्मचारियों ने उसकी बेरहमी पिटाई की
यदि पिटाई आबकारी विभाग के आएक्षकों ने की तो इसका जिक्र MLC रिपोर्ट में क्यों नहीं है।

