थाना सीपत एवं एंटी साइबर क्राइम एवं कंट्रोल यूनिट की कार्यवाही
आरोपी से 10 मोबाइल सहित मोटर साइकिल जब्त
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़]
सीपत थाना से मिली जानकारी के मुताबिक मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्रीमती पारुल माथुर महोदय एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रोहित झा के मार्गदर्शन एवं दिशा निर्देशानुसार संपत्ति संबंधी अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्यवाही की जा रही है|
इसी क्रम में एंटी साइबर क्राइम एंड कंट्रोल यूनिट जिला बिलासपुर के प्रभारी निरीक्षक हरविंदर सिंह एवं उनकी टीम के सहयोग से अपराध क्रमांक 484/2021, धारा 392, 34 भादवी के आरोपी को पकड़ा गया। आरोपी ने अपने मेमोरेंडम में बताया कि दिनांक 8-10-2021 को शाम करीब 4:00 बजे अपने दोस्त निखिल पांडे के साथ सीपत क्षेत्र में चोरी, लूट करने के नियत से मोटरसाइकिल पर सवार होकर आया था। वह मोटरसाइकिल चला रहा था और पीछे उसका दोस्त निखिल पांडे बैठा था। देवरी नाला के पास एक साइकिल में एक लड़की पीछे कैरियर में बैग रखी जा रही थी की निखिल पांडे के द्वारा साइकिल में रखे बैग को छीन कर हम दोनों बिलासपुर भाग गए। बैग में एक मोबाइल मोटरोला कंपनी का, नकदी रकम ₹115 और कुछ कागजात थे जिसमें से पर्स व कागजात को रास्ते में फेंक दिया और मोबाइल व नकदी रकम को साथ में लेकर गए थे, इसमें से नगदी रकम निखिल रख लिया था और मोबाइल मेरे पास है। इसके अलावा अपने साथी निखिल पांडे के साथ मिलकर कई बार कई जगह से और भी मोबाइल चोरी किए हैं। आरोपी के पास से कुल 10 मोबाइल, जिसकी कीमत लगभग डेढ़ लाख रुपए होगी, बरामद किया गया। आरोपी द्वारा चोरी के दौरान उपयोग में लाया जाने वाला मोटरसाइकिल भी जप्त किया गया। आरोपी द्वारा बताया गया कि उसका दोस्त निखिल पांडे चोरी के प्रकरण में अभी बिलासपुर जेल में है।
है। आरोपी को न्यायालय के समक्ष न्यायिक रिमांड हेतु प्रस्तुत किया किया गया एवं न्यायालय के आदेशानुसार आरोपी को बिलासपुर जेल निरुद्ध किया गया|
इस कार्रवाई में एंटी साइबर क्राइम एवं कंट्रोल यूनिट बिलासपुर की टीम एवं थाना सीपत की ओर से सहायक उप निरीक्षक सेराफिन केरकेटा प्रधान आरक्षक महादेव खुटे, उमाशंकर राठौर एवं आरक्षक शरद साहू, विनोद केवट, रामकुमार बघेल की विशेष भूमिका रही
आरोपी
- अमित खत्री पिता राजकुमार खत्री उम्र 39 साल निवासी तोरवा संतोषी मंदिर के पास थाना तोरवा जिला बिलासपुर।
आरोपी के खिलाफ धारा 41(1-4) जा. फौ. तथा धारा 379 भा. द. वि. के अंतर्गत भी कार्यवाही की गई

