आए दिन नए विवादों का हो रहा है जन्म अब डॉक्टर ने स्टाफ नर्स से किया अनाचार का प्रयास
05 सितंबर2022
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़} बिलासपुर
ज्ञात हो कि मंगला चौक स्तिथ
चर्चित वंदना हॉस्पिटल में कई मामले ऐसे आए जिसमें यह हॉस्पिटल विवादों में बना रहा पहला अध्याय इस हॉस्पिटल के तीन डॉक्टर की पार्टनरशिप मैं खटास का मामला बहुत सुर्खियों में बना रहा वही भवन मालिक द्वारा भवन खाली करने पर मैनेजमेंट द्वारा मारपीट का मामला इस मामले ने भी काफी तूल पकड़ी फिर ले देकर भवन मालिक से समझौता कर कुछ समय की मोहलत ली गई आज फिर एक मामला वंदना हॉस्पिटल का सुर्खियों में बना हुआ है जिसमें हॉस्पिटल में कार्यरत डॉक्टर जैसे पद पर आसीन डॉक्टर जयप्रकाश देवांगन ने अपनी ही स्टाफ नर्स पर बदनियति से छेड़खानी करते हुए उसे अपनी हवस का शिकार बनाना चाहा, उसके मना करने पर जान से मारने की धमकी भी दी स्टाफ नर्स ने वहाँ से भागकर अपनी आबरू बचाई।
मामला कुछ इस प्रकार है कि मंगला चौक स्तिथ वंदना हॉस्पिटल में मुंगेली जिले की 26 वर्षीय युवती कैजुअल्टी वार्ड में स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत है और वही डॉक्टर जयप्रकाश देवांगन जूनियर डॉक्टर के पद पर कार्यरत है।
लेकिन जूनियर डॉक्टर देवांगन की उस स्टाफ नर्स पर काफी समय से नियत डोल रही थी और आये दिन नर्स के साथ छेड़खानी करते रहता था लेकिन स्टाफ नर्स ने लोक-लाज के भय से यह बात किसी को नहीं बताई और चुप रही बस फिर क्या था। उसकी इसी चुप्पी का फायदा उठाते हुए डॉक्टर ने सारी हदें पार कर दी कैजुअल्टी वार्ड खाली होने की वजह से उसने स्टाफ नर्स से छेड़खानी करते हुए उसे खाली बेड पर भटकते हुए अनाचार की घिनौनी हरकत करने का प्रयास किया जिससे लड़की के सब्र का बांध टूट गया और वह अपने बचाव के लिए छटपटाने लगी और किसी तरह वहां से भाग कर अपनी आबरू बचाई
अब यह मामला हॉस्पिटल से निकलकर सिविल लाइन तक पहुंचा तो एक बार फिर वंदना हॉस्पिटल सुर्खियों में आ गया जहां तक हॉस्पिटल के मुख्य सर्जन विजय कुमार का कहना है कि देवांगन हमारे यहां जूनियर डॉक्टर के पद पर कार्यरत हैं और नर्स द्वारा लगाए गए उन पर गंभीर आरोप के बारे में अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि यह उन दोनों का आपसी मामला है और यह लड़ाई वे आपस में ही लड़ेंगे इसमें हॉस्पिटल मैनेजमेंट का कोई लेना देना नहीं है अब यहां यह भी बताना बेहद लाजमी हो जाता है कि क्या इस हॉस्पिटल मैं कार्यरत डॉक्टर द्वारा घिनौना कृत्य करने पर इस हॉस्पिटल के मैनेजमेंट की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती या फिर हॉस्पिटल को बदनामी के डर से बचाने के लिए इस तरह के बेबुनियाद बयान देकर डॉ विजय कुमार अपने डिस मैनेजमेंट को साफ सुथरा बताते हुए पल्ला झाड़ रहे हैं होना तो यह चाहिए था कि जिस दरमियान उस ड्यूटी नर्स के साथ बदतमीजी वही के जूनियर डॉक्टर द्वारा की गई तुरंत ही एक्शन लेते हुए मैनेजमेंट को कार्यवाही करनी चाहिए थी क्योंकि लड़की का कहना है कि यह मामला आज का ही नहीं है कई दिनों से उस डॉक्टर द्वारा उसे प्रताड़ित किया जा रहा है और गलत कार्य करने के लिए जोर डाला जा रहा है तो प्रश्न ये भी उठता है कि मैनेजमेंट आखिर अब तक चुप क्यों था?
आखिर क्यों उस डॉक्टर की कारस्तानियो पर पर्दा डाला जा रहा था मामला जब हाथ से निकलता देखा तो डॉक्टर विजय कुमार ने दोनों को टर्मिनेट करने का बयान भी दे दिया लेकिन क्या उनके हॉस्पिटल में कार्यरत नर्स अथवा अन्य स्टाफ की सुरक्षा की जिम्मेदारी मैनेजमेंट की नहीं होती है या फिर सिर्फ हॉस्पिटल की प्रतिष्ठा पर किसी तरह की आंच न आये जिसके एवज में किसी गरीब मासूम की इज्जत की बलि चढ़ाने का काम किया जा रहा है बहराल
प्रार्थी स्टाफ नर्स की शिकायत के बाद उक्त डॉक्टर के खिलाफ मामला सिविल लाइन थाने में दर्ज किया गया।
एफआईआर दर्ज होने के बाद आज डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया और पुलिस अब इस मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की बात कह रही है देखना यह होगा कि क्या उस गरीब स्टाफ नर्स को अन्याय के प्रति आवाज उठाना उसकी जिंदगी पर कितना भारी पड़ेगा क्योंकि डॉक्टर द्वारा आरोपी अथवा प्रार्थी दोनों को ही टर्मिनेट करने की बात कही जा रही है उस गरीब की नौकरी तो गई उल्टा उसे जो बदनामी हासिल हुई वह उसकी अन्याय के प्रति आवाज उठाने का बेहतर पुरुस्कार हॉस्पिटल मैनेजमेंट की तरफ से दिया गया
बहराल पुलिस इस मामले में जांच उपरान्त इस मामले में प्रार्थीया को कितना न्याय दिला पाती है यह देखने वाली बात है


