कही राजनीति का शिकार तो नही हो रही मासूम.?
13 अक्टूबर 2022
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़} बिलासपुर
एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है जो कि विगत दिनों से मीडिया की सुर्खियों में बना हुआ है,
पर यदि दूसरे पहलू पर गौर करे तो मामला ही कुछ और है।
मामला चकरभाटा थाना क्षेत्र का जिसमें बिन मां की दो बच्चियों को उनके ही पिता द्वारा दैहिक प्रताड़ना का आरोप लगा है, जोकि बेहद निंदनीय और गुणात्मक कार्य है। परंतु इसमें पुलिस द्वारा जांच करने पर जो तथ्य उजागर हुए हैं उसमें मेडिकल जांच और एफएलसी की रिपोर्ट में बच्चियों को प्रताड़ना अथवा किसी प्रकार से कोई घ्रणित कृत्य करने का कोई सबूत नहीं मिला है पुलिस की माने तो इन बच्चियों के साथ उनके पिता द्वारा ऐसा कोई भी कृत्य नहीं किया गया जो अमानवीय श्रेणी में आता हो बल्कि 2 वर्ष पूर्व उनकी पत्नी किसी अन्य के साथ चली गई है जिसके कारण दोनों बच्चियों का पालन पोषण पिता करता है और वह मानसिक रूप से अस्वस्थ होने पर शराब भी पीता है जिसकी वजह से उसका मानसिक संतुलन असंतुलित रहता है परंतु जांच में पाया गया कि किसी प्रकार का शोषण नहीं हुआ है अब इसमें सोचनीय विषय यह है कि क्या दोनों बच्चियों को चाइल्ड लाइन में रखकर उनकी परवरिश की जाएगी जोकि अभी यक्ष प्रश्न है लेकिन कुछ लोकल स्तर के लोगों का यह भी मानना है कि इसमें सिर्फ और सिर्फ राजनीति का समावेश होने के कारण यह मामला बेवजह ही तूल पकड़ रहा है जबकि आरोपी पिता दोनों बच्चियों को बड़ी हिफाजत से उनका पालन पोषण कर रहा है बहराल पुलिस की जांच में जो रिपोर्ट आई उस में कहीं भी किसी प्रकार की प्रताड़ना का सबूत नहीं पाया गया रिपोर्ट के आधार पर मामले की विस्तृत जानकारी थाना चकरभाटा से मिली जिसमें इस प्रकार है कि मामला
1 अक्टूबर का है चाइल्ड लाइन और पुलिस पार्टी ग्राम कनेरी जाकर चाइल्ड लाइन के नंद कुमार पांडे, उप निरीक्षक जगदीश ठाकुर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रियंका सिंह पति सजीत सिंह उम्र 45 वर्ष निवासी कनेरी से मिले।
जानकारी अनुसार प्रियंका सिंह ने फोन करके चाइल्ड लाइन वालों को बुलाया था।
चाइल्ड लाइन के नंद कुमार पांडे ने बच्चियों के पिता की दिमागी हालत ठीक नहीं होने और शराब पीने से बच्चियों को परेशान किया जाना की शिकायत पर तीनों बच्चियों को अपने साथ चाइल्डलाइन ले जाकर CWC में पेश करना बताया।
इस बीच तीनो बच्चियां सेवा भारती मातृ छाया में थी।
बच्चियों की दादी, बुआ, ग्राम कनेरी के सरपंच, पंच 20 30 लोग बताये कि बच्चियों की मां लगभग 2 वर्ष पूर्व अपनी बच्चियों व पति को छोड़कर अन्य लड़के के साथ चली गई है। बच्चियों के पिता की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है बच्चियों का पिता उनका अच्छा ख्याल रखता है अपने कंधे में बैठाकर घुमाता है। मानसिक स्तिथि ठीक नहीं होने पर कभी शराब पी लेने से परवरिश हेतु तथा बच्चियों के पिता के इलाज के लिए मानसिक चिकित्सालय सेंदरी ले जाने वाले थे। प्रियंका सिंह ने राय दी कि बच्चियों को चाइल्डलाइन के माध्यम से परवरिश के लिए सेवा भारती मातृछाया में 18 वर्ष तक रखते हैं और प्रियंका सिंह ने चाइल्डलाइन वालों को बुलाकर अपने मन से शिकायत लिखकर दी है। तथा बच्चियों का वीडियो भी वायरल की है जो गलत है। मेडिकल रिपोर्ट में भी किसी प्रकार की घटना नहीं होना पाया गया है।
अब आगे की कार्यवाही मैं क्या होगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा क्योंकि सत्य और असत्य दोनों ही चीजें के सामने आने में थोड़ा वक्त लगता है परंतु यह एक बेहद सोचनीय विषय है कि उन मासूम बच्चियों के संगीन मामले में भी यदि राजनीति हो रही है तो कहां तक उचित है या फिर सचमुच ही उनके साथ कुछ गलत हुआ है तो फिर रिपोर्ट मैं यह क्यों साबित नहीं हो पाया यह बड़ा जटिल प्रश्न है पर जो भी हो इस मामले की आला आला अधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर एक ऐसे परिणाम की स्तिथि में लाना चाहिए ताकि जिसमें ना तो कोई गुनाहगार बच पाए और ना ही कोई बेगुनाह को सजा मिल जाए ।

