जनता के तराजू में शैलेष पांडेय बने अव्वल…कोरोना काल में देवदूत बन की लोगो की मदद…
01 नवंबर 2023
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़} बिलासपुर भाजपा प्रत्याशी अमर अग्रवाल अपने चुनाव प्रचार में जनता को एक बार फिर झूठे आश्वासन के सहारे गली कूंचों में लगातार घूम रहे है,परंतु नगर की जनता अब सही गलत को पहचान चुकी है जो जनप्रतिनिधि कोरोना काल की भयावह त्रासदी के दौरान अपने बंगले से बाहर न निकला हो उससे भला अब क्या उम्मीद रखेंगी जनता और अब वर्तमान विधायक शैलेष पांडेय से 5 साल का हिसाब मांग रहे है।

अव्वल तो इन सेठ जी की 15 साल ने तिजोरी भरो योजना को जनता ने बखूबी जान लिया है और रही-सही कसर कोरोना काल मे उनकी बेरुखी ने पूरी कर दी अब किस मुंह से कांग्रेस से 5 साल का हिसाब मांग रहे है।

जनप्रतिनिधि का कर्तव्य और इंसानियत के तराजू में यदि तोला जाए तो विधायक शैलेष पांडेय इन दोनों ही जिम्मेदारी में अमर अग्रवाल से लाख गुना बेहतर साबित हुए और जनता अब अमर अग्रवाल को एक बार पुनः नकारने का मन बना चुकी है।

बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी शैलेश पांडे ने भाजपा प्रत्याशी अमर अग्रवाल पर आरोप लगाते हुए कहा कि कोरोना काल में शहर के जो भी परिवार पीड़ित और प्रभावित रहे हैं तथा जिन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को खोया है वह कभी भी कोरोना काल की त्रासदी को नहीं भूल पाएंगे ऐसे समय में सेठ अमर अग्रवाल अपने घर में दुबके पड़े थे।

जबकि शहर की जनता के साथ ही भारतीय जनता पार्टी के अनेक कार्यकर्ता उनके परिवार कोरोना की त्रासदी को झेल रहे थे। तथा कई की मौत भी हुई है लेकिन सेठ अमर अग्रवाल शहर की जनता का हाल-चाल जानना और मदद करना तो दूर भाजपा के कार्यकर्ताओं तक का हाल जानने का उन्होंने कोई प्रयास नहीं किया।

कोरोना काल की भयावह त्रासदी से पीड़ित लोगो की मदद करने और जान बचाने दुश्मन तक ने आगे आकर और दुश्मनी भुलाकर लोगो की मदद की थी, मगर सेठ अमर अग्रवाल निष्ठुरता का परिचय देते हुए किसी की मदद करना तो दूर अपने घर में घुसे रहे। यहां तक की भाजपा कार्यकर्ताओं तक के लिए अपने घर के दरवाजे को बंद रखा।

ऐसी स्थिति में अनेक पीड़ित भाजपा कार्यकर्ता मेरे पास आए मैंने दलगत राजनीति से परे हटकर मुझसे जो बन पड़ा मैंने उनकी मदद की और आज सेठ अमर अग्रवाल ऐसे भाजपा कार्यकर्ताओं को बहलाने फुसलाने में लगे है।

श्री पांडेय ने कहा की शहर की जनता अब अमर अग्रवाल के बहकावे में नहीं आने वाली है। जनता अमर अग्रवाल के चाल,चरित्र और चेहरे को अच्छी तरह जान चुकी है और इस बार उन्हें राजनीति से सन्यास लेने के लिए विवश कर देगी।

यदि सेठ अमर अग्रवाल में हिम्मत है तो वे बिलासपुर की जनता के समक्ष सार्वजनिक रूप से यह बताए कि वे कोरोना काल के दो साल कहां छिपे हुए थे और इसके लिए माफी भी मांगे लेकिन शहर की जनता उन्हें माफ नही करने वाली है।

