दरबार में 40 दिवसीय चल रहे अखण्ड जप्जी साहिब का हुआ समापन…
27 नवंबर2023
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़} बिलासपुर धन धन श्री गुरूनानक देव जी के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में प्रभात फेरी निकाली गई एवं अखण्ड जप्जी साहिब का समापन
धन गुरूनानक दरबार डेरा संत बाबा थहिरिया सिंग साहब दरबार द्वारा निकाली जा रही प्रभात फेरी आज सातवें दिन पंज प्यारों की अगुवाई में निकाली गयी जिसमें महिलाओं एवं बच्चियों ने पूरे रास्ते झाडू लगाकर एवं बच्चों ने पानी छींटकर सड़क की शुद्धि की। प्रभात फेरी में उल्लासनगर से आये गुरमुख छुगारिया जी (जेठालाल ग्रुप) एवं दिल्ली से आये जितेन्दर सिंह अरोरा ने भजन कीर्तन से संगत को निहाल किया। चकरभाठा के विनोद चावला ने भी गुरू के भजन गाये। प्रभात फेरी का जगह जगह पर आतिशबाजी से स्वागत किया गया। देवकीनन्दन चौक पर पूज्य सिंधी सेन्ट्रल पंचायत के अध्यक्ष धनराज आहूजा की अगुवाई में पदाधिकारियों ने जोरदार स्वागत किया। इसके पश्चात् पुराना होकर सरकण्डा पहुंची वहां पर सरकण्डा के पंचायत अध्यक्ष श्री महेश पमनानी एवं पदाधिकारियों ने भव्य रूप से स्वागत किया।

स्वागत के पश्चात् सभी जगहों पर दरबार के प्रमुख सेवादल मूलचंद नारवानी ने विश्व कल्याण के लिए अरदास की । प्रभात फेरी का मुख्य आकर्षण ऊँट, बगिया थी। बगियों में गुरु के सवारी भी निकाली गयी। रात्रि 08.30 बजे चालीस दिन से चल रहे अखण्ड पाठ का भोग साहिब (समापन) किया गया गया। उसके पश्चात् रात्रि 12:00 बजे गुरुनानक जी के जन्मोत्सव पर डोली उतारकर भव्य रूप से जन्मोत्सव मनाया गया। संगत में अति उत्साह देखा गया उसके पश्चात् अटूट लंगर एवं प्रसाद का वितरण किया गया। पूज्य सिंधी सेन्ट्रल पंचायत के अध्यक्ष, सभी सिंधी पंचायतों के अध्यक्षों एवं समाज के प्रमुख लोगों का शॉल पहचानकर, प्रसाद देकर सम्मान भी किया गया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में दरबार के। के मुख्य प्रबंधक मूलचंद नारवानी, दरबार सेवादार पूर्व पार्षद सुरेश वाधवानी, डॉ. हेमंत कलवानी, रमेश भागवानी, मूलचंद नारा, राजू धानेजा, जगदीश सुखीजा, गंगाराम सुखीजा, नरेश मेहरचंदानी, सुरेश माधवानी, अशोक मतलानी, राहुल धनवानी, विकास बजाज, अनिता नारवानी, पलक हर्जपाल, कंचन रोहरा, पलक माखीजा, राखी इदनानी, वर्षा सुखीजा, कशीश जैसवानी, पिंकी नागवानी, बलराम रामानी, डॉ हुंदल दास सोमनानी, मुरली कुकरेजा, नंदलाल पोपटानी आदि सेवादारी सक्रिय रहे। इसमें सैकड़ों की संख्या में समाज के लोगों, महिलाओं ने, सिख बंधुओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया एवं गुरू घर की सेवा की।
उपरोक्त जानकारी दरबार के सेवादार डॉ. हेमंत कलवानी ने दी।

