इस गोरखधंधे से जुड़े है कई तार आप नही देख पा रहे…! हम बताएंगे पूरी कहानी….
26 मई 2024
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़} बिलासपुर विगत कई वर्षों से एक ऐसा कारोबार फल-फूल रहा है जिससे कई सफेद पोश कारोबारी इस काले कारोबार में बिना हाथ काले किये करोड़ो के आसामी बन गए गए है।
कुछ लोग सामान्यतः ऐसे कारोबार के बारे में जानते ही नही परंतु ये एक ऐसा सत्य है,जो कि काले कारोबार से जुड़ा है। हम इसे काले कारोबार की संज्ञा इसलिए हम दे रहे है,क्योकि ये सचमुच काले कारोबार पर ही आधारित है,मजे की बात ये है कि इसमें कथित कारोबारी अपने हाथ काले किये बिना बड़े ही पारंगत तरीके से इसे अंजाम देते है।
अब आपको ये भी बताते चले कि इस गोरखधंधे में एक तरफ बिचौलिये पन की अहम भूमिका होती है वही दूसरी तरफ उनका साथ देने वाले ट्रक ड्राइवर और हमारे देश के रक्षक की रजामंजूरी भी इसमें बेहद अहम भूमिका निभातीहै। आप जानकर बेहद हदप्रसद हो जाएंगे कि आखिर ऐसा ये क्या कारोबार है। ये भी हम आपसे खुलासा करेंगे जिसमे आज एक कड़ी आपको प्रस्तुत है।

होता ये है कि कोई कोयले से भरी गाड़ी जिसमे कई टन कोयला माल एक नंबर का होता है वो रात मे गाड़ी लोड कर निकलता है उस बीच रतनपुर से लेकर कई कोल डिपो रास्ते में पड़ते है जो कि इन कोयले से लदी गाड़ियों में खालिस कोयले में वही रुक कर उन कोल डिपो में खालिस कोयले को निकाल कर एक तय पैमाने में इसमें कोयले की डस्ट याने कोयले की धूल को मिश्रित कर उस गाड़ी में लगेज कोयले की मात्रा को उतना बना देते है जितने की लगेज उस गाड़ी में निकलते समय मापी गई थी। अब उस कोयले में की गई मिलावट किसी को पता नही चलती क्योकि वजन के हिसाब से पूरी गाड़ी का जो वजन निकलते समय लिखा जाता है गंतव्य तक पहुंचने पर वजन उतना ही निकलता है,परंतु उस बीच जो गफलत हुई उसकी जानकारी या तो उस ड्राइवर को होती है या फिर उस कथिक कोल डिपो को जिसके सरंक्षण में ये खेल होता है…!
और इस गोरखधंधे में कही बात बिगड़ न जाये इसके लिए स्थानीय पेट्रोलिंग और संबंधित थाने के छोटे से लेकर बड़े अधिकारियों को सलाम संदेश दिया जाता है जिसका प्रसाद
ऊपर से लेकर नीचे तक बंटता है, लेकिन उस प्रसादी में कभी भूलवश कुछेक क्षेत्रीय छूट भइये यदि आड़े आ जाते है, तो फिर उन्हें भी इस भोज में शामिल किया जाता है।

सवाल ये भी उठता है कि आखिर इस करोड़ो के घालमेल पर किसी की नजर भला क्यों नही पड़ती…?
पड़ती है साहब और दिखता भी है….!
परंतु काले चश्मे से रात के इस खेल में किसी को क्यो और कहा दिखेगा और तो और जिसमे उन तमाम ताकतों पर कागजी ग़ांधी का वजन पड़ जाए तो फिर उन आँखों पर काली पट्टी आखिर क्यों न पड़ेगी…?
बहरहाल इस विषय पर आज इतना ही अगली कड़ी में हम इस काले कारोबार से जुड़े सारे तार जुड़े और किस तार में कितना करंट के बारे में पूरे इतिहास का खुलासा करेंगे।
जय हिंद…वंदे मातरम…

