01 जून 2024
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] पूर्व प्रदेश अध्यक्ष,पूर्व मंत्री मोहन मरकाम आज 01 जून को निजी प्रवास पर बिलासपुर पहुंचे, स्थानीय हॉटल में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा के सत्तासीन होते ही छत्तीसगढ़ की जनता अपने प्राथमिक आवश्यकताओं के लिये संघर्ष कर रही है ,कांग्रेस की सरकार ने बिजली बिल हॉफ ले रही थी। अब भाजपा बिजली हाफ दे रही है,भीषण गर्मी में सरप्लस वाले राज्य में लगातार बिजली बन्द होना एक गम्भीर समस्या है, बच्चे,वृद्ध ,बीमार, किसान सहित आमजन बहुत परेशान है, हमारी सरकार 10 किलो राशन देती थी ,उसे भाजपा ने 5 किलो कर के गरीबो के साथ भद्दा मजाक कर रही है, भाजपा सरकार बस्तर के जल, जंगल,जमीन को अपने मित्रों को देना चाह रही है,इसलिए ग्रामीणों को साथ नक्सली बता कर एनकाउन्टर कर रही है,भाजपा की सरकार बनते ही हँसदेव आरण्य को उजाड़ा गया ,वहां के कोयला व अन्य सम्पदा कोअपने उद्योग पति मित्रो को देने के लिए, वहां मानव -हाथी संघर्ष बड़ रहा है। जिससे मानवजाति की क्षति हो रही है,बस्तर की जनता गरीब है ,इसलिए केंद्र सरकार उनकी भावनाओं को नजरअंदाज कर रही है।

एक प्रश्न के जवाब में मरकाम जी ने कहा कि चुनाव से पहले प्रधानमंत्री जी 400 पार बोल रहे थे और जैसे-जैसे चुनाव आगे बढ़ता गया। प्रधानमंत्री जी 400 पार को भूलकर असंसदीय भाषा मे आ गए जो प्रधानमंत्री पद के अनुरूप और गरिमाओ विपरीत है, प्रधानमंत्री के भाषणों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर देखा-सुना जाता है ,इसलिए भाषा की शुचिता को हमेशा बनाये रखा जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोल रहे है कि विपक्ष के सात पीढियो का हिसाब लिया जाएगा पर दुर्भाग्य है कि 2014 में नरेंद्र मोदी जी ने 15-15 लाख ,प्रति वर्ष 2 करोड़ नौकरी, स्विस बैंक से कालाधन लाना,भ्रष्टाचार को मिटाने की बात करने वाले 10 वर्षो में इन विषयों पर एक शब्द नही बोले,
देश के युवा आज़ादी की लड़ाई के जुनून में सर में कफ़न बांधकर लड़ रहे थे तब इनके आदर्श अंग्रेजो के साथ मिलकर सेनानियों के विरोध कर रहे थे।

मोहन मरकाम ने कहा कि प्रजातन्त्र में विश्वास पर देश चलता है ,पर जहां किसी विषय को लेकर लगातार सन्देह की आवाज बुलंद हो तो जनता की बात को सुननी चाहिए और शंका का समाधान होना चाहिए ,ईवीएम मशीन आज विकसित राष्ट्रों में प्रचलन में नही है पर भारत में ईवीएम में चुनाव हो रहे है ,मरकाम जी ने कहा कि इंडिया गठबंधन की सरकार बनने जा रही है।

