बच्चो की चित्रकला में दिखी अखण्ड भारत विभाजन विभीषिका की सिंध स्मृति…
15 अगस्त 2024
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़} बिलासपुर सिंधी समाज के लिए अविभाजित भारत का विषय एक दर्दनाक याद है। जो उन्हें अपने खोए हुए घर, अपनी संस्कृति और अपनी ऐतिहासिक जड़ों की याद दिलाता है। लेकिन यह विषय उन्हें एकता और अखंडता के प्रति भी प्रेरित करता है। भारत का विभाजन अभूतपूर्व मानव विस्थापन एवं मजबूरी में पलायन की दर्दनाक कहानी है देश के बटवारे के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता हर वर्ष की भाती इस वर्ष भी 14 अगस्त को अखंड भारत विभाजन विभीषिका को स्मरण करने हेतु एक मैत्रीपूर्ण गोस्टी का आयोजन किया गया।
सरकंडा सिंधी धर्मशाला में भारतीय सिंधु सभा एवं पूज्य सेंट्रल सिंधी पंचायत व सिंधु आर्ट ग्रुप द्वारा अखंड भारत विभाजन विभीषिका सिंध स्मृति दिवस मनाया गया।

ईस्ट देव और भारत माता के सामने दीप प्रज्वलन कर भारत माता की आरती की गई। कार्यक्रम मे आजादी के संघर्ष को देखने वाले उत्तम चंद भगवान दास शामनानी ,अर्जुन तीर्थनी और ने अपने संस्मरण व्यक्त किए पंचायत के अध्यक्ष मनोहर थारवानी, व पार्षद राजेश दिसूजा महेश पमनानी उपस्थित रहे।

जिन्होंने अपने समाज की स्थिति को और बेहतर करने की बात कही बच्चों और युवाओं को जोड़ने के लिए विशेष रूप से ड्राइंग / पेंटिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया था।जिसमे ग्रुप ए से ख़ुशी नारवानी ख़ुशी वाधवानीअनन्या भोजवानी प्रथम द्वितीय और तृतीय रही वही ग्रुप बी में दीपिका तेजवानी महक दयालानी आर्ची वाधवानी प्रथम दूसरा एवं तीसरे स्थान में रही।

दादा उतम चंद ने कहा सिंधी समाज का अविभाजित भारत के विषय से गहरा लगाव है, क्योंकि सिंधी समाज ने भारत के विभाजन के समय बहुत कुछ खोया था। हम अपने सिंध अपनी धन दौलत सबको छोड़कर एक नई शुरुआत की है इसलिए इसे एकता से प्यार से समाज को बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है।

भगवान दास थारवानी ने अपना संस्मरण सुनाते हुए कहा कि हम पुरुषार्थ समाज है और चंद नेताओं के कारण हमने विभाजन की पीड़ा देखी है लोगों को कटते मरते देखा है इस पीड़ा को नहीं भूल सकते मगर हम हर जगह अपना सहयोग देकर देश को आगे बढ़ा सकते हैं।
कार्यक्रम का संचालन रेखा आहूजा और ट्विंकल आडवाणी ने किया।

कन्हैया आहूजा ,मुस्कान बच्चानी, किरण तोलानी कविता मोटवानी ने अपनी कविताओं की प्रस्तुति दी कविता मगवानी राजकुमारी मेहानी , गरिमा शाहनी, कविता मोटवानी ,कोशल्या तीर्थानी ,भारती पमनानी, कविता चिमनानी ,सरला पमनानी ,माया मँगवानी ,गीता चंदानी ,भारती सचदेव, विनीता चिमनानी, प्रिया पमनानी ,रितु गोधवानी, स्नेहा पमनानी सुहाना पंजवानी इत्यादि महिलायें उपस्तिथ थी।
व मनोहर पमनानी ,अजय भीमानी , शत्रुघ्न जेसवानी ,जगदीश जिज्ञासी, हरीश मोटवानी ,सुनील आहूजा, नीरज जिग्यासी उपस्थित रहे।

