आरोपी ने मृतक पर अप्राकृतिक कृत्य का लगाया आरोप क्षुब्ध होकर दिया घटना को अंजाम…!
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] सरकंडा थाना क्षेत्र के चिल्हाटी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में हुए प्राचार्य मनोज चंद्राकर हत्याकांड का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (भापुसे) के नेतृत्व में यह बड़ी सफलता हासिल की गई।
कैसे हुआ मामला सुलझा:-
मामला 26 दिसंबर, 2024 को सामने आया, जब मकान नंबर 39 में प्राचार्य मनोज चंद्राकर का शव संदिग्ध अवस्था में मिला। घटना की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने एसीसीयू, एफएसएल टीम और स्निफर डॉग की मदद से घटनास्थल पर वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्य जुटाए। जांच के दौरान पता चला कि मृतक 24 दिसंबर की रात एक अज्ञात व्यक्ति के साथ घर आया था।

पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच की और गोपनीय सूत्रों से जानकारी प्राप्त कर आरोपी की पहचान की। आरोपी हरीश कुमार पैकरा महाराष्ट्र भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उसे डोंगरगढ़ में घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया।
घटना का कारण-:
जांच में पाया गया कि मृतक और आरोपी की मुलाकात 23 दिसंबर को बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर हुई थी। इसके बाद मृतक ने आरोपी को 24 दिसंबर को पार्टी के लिए अपने घर बुलाया। पार्टी के दौरान, नशे की हालत में मृतक ने आरोपी के साथ अप्राकृतिक कृत्य किया, जिससे नाराज होकर आरोपी ने रसोई में रखे तवे से मृतक के सिर पर वार कर हत्या कर दी।
:-आरोपी की पहचान-:
नाम: हरीश कुमार पैकरा
उम्र: 24 वर्ष पता: ग्राम खम्हारडीह, थाना लवन, जिला बलौदाबाजार आरोपी को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस टीम का उत्कृष्ट कार्य इस मामले को सुलझाने में एसीसीयू बिलासपुर, थाना सरकंडा और चौकी मोपका की संयुक्त टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के नेतृत्व में एएसपी राजेंद्र जायसवाल, एएसपी अनुज कुमार, एएसपी उदयन बेहार, नगर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बघेल और उनकी टीम ने
◆सराहनीय कार्य◆
पुलिस की तत्परता से न्याय
पुलिस की त्वरित और तकनीकी जांच ने आरोपी को पकड़कर कानून के हवाले किया। यह मामला पुलिस की पेशेवर कार्यशैली और जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का एक आदर्श उदाहरण है।

