प्रो. ऋतु सिंह ने कहा: “लड़ेंगे भीमा कोरेगांव की तरह, पढ़ेंगे भीमराव की तरह”
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] भारतीय बौद्ध महासभा बिलासपुर द्वारा आयोजित प्रांतीय स्तर का भीमा कोरेगांव विजय पर्व और भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले जयंती जी.डी.सी. कॉलेज, डॉ. अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर बड़े उत्साह और सामाजिक संदेश के साथ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता प्रो. डॉ. ऋतु सिंह (दिल्ली) ने अपने ओजस्वी संबोधन में सामाजिक क्रांति, शिक्षा, और महिला सशक्तिकरण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “सावित्रीबाई फुले ने पहली शाला शेख कुटुंब के घर में खोलकर शिक्षा की अलख जगाई। डॉ. आंबेडकर ने संविधान के जरिए महिलाओं और वंचित समाज को अधिकार दिलाए। आज हम सभी को उनके विचारों का अनुसरण करते हुए समतावादी समाज का निर्माण करना होगा।”

महिलाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश
डॉ. सिंह ने महिलाओं को अंधविश्वास से दूर रहने और शिक्षा को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा, “आज हर क्षेत्र में महिलाओं की सफलता उन सुधारकों के योगदान का परिणाम है जिन्होंने शिक्षा और समानता की नींव रखी।”
वर्तमान सरकार पर सवाल
उन्होंने वर्तमान सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए शिक्षा, रोजगार, और सामाजिक न्याय में हो रही अनदेखी को उजागर किया। बैकलॉग वेकेंसी, सब-प्लान, और सरकारी संस्थानों के निजीकरण जैसे मुद्दों पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई।
संस्कृति और सम्मान का संगम
कार्यक्रम में नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से रूढ़िवादी विचारधाराओं को चुनौती दी गई। नवा अंजोर सूर्यवंशी महिला टीम की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
साथ ही, कार्यक्रम में समाजसेवा के क्षेत्र में योगदान देने वाले कई महिला और पुरुष कार्यकर्ताओं को “डॉ. आंबेडकर रत्न सम्मान” से नवाजा गया।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति-:
कार्यक्रम में अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों, और महिला संगठनों की भागीदारी रही। भारतीय बौद्ध महासभा महिला विंग और भीम आर्मी के सदस्यों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

यह आयोजन सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण, और शिक्षा के महत्व पर आधारित था। भीमा कोरेगांव की प्रेरणा और सावित्रीबाई फुले के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का यह प्रयास सामाजिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
विशिष्ट अतिथियों में प्रमुख रूप से सुनिता ओंडकार, उषा वाहने, अनिता खोब्रागड़े, वंदना भांगे, मिनाक्षी बोम्बोर्डे, तरूणा नागले, राजश्री हुमने, वंदना चन्द्रिकापुरे, उर्मिला टेमुर्णीकर, हर्षिला भावे, संजू मनोज बौद्ध, अनिता लाहोत्रे, जी का भारतीय बौद्ध महासभा महिला विंग डाॅ. अम्बेडकर नगर की कार्याकर्ताओं के द्वारा पंचशील का मफलर व सावित्री बाई फूले का बेच बिल्ला लगाकर स्वागत किया गया।
इस अवसर पर नवा अंजोर सूर्यवंशी महिला टीम जूना बिलासपुर की महिलाओं के द्वारा रूढ़ीवादी विचारधारा पे आधारित शिक्षाप्रद नाटक का मंचन किया जिसमें प्रमुख कलाकार श्रीमती प्रीती राजगीर, श्रीमती सोनिया मंजारे, आमना राजगीर , श्रीमती प्रभा राजगीर, श्रीमती सावित्री राजगीर, सपना राजगीर, रजनी राजगीर, आशना राजगीर, महक सूर्यवंशी, अदिति राजगी द्वारा नाटक का मंचन किया गया।
बुद्धवासी, तुकाराम नागदौने एवं नरेन्द्र रामटेके के सम्मान में डाॅ. आम्बेडकर रत्न सम्मान से मिनीमाता महिला समूह 2 री वाहनी छ.स.ब. सकरी बिलासपुर की महिला टीम में प्रमुख रूप से लीलचन्द कोशले, सोमेंद लहरे, शशी बघेल, सारिका कोशले, पुष्पा बंजारे, पदमिनी लहरे, राजेश्वरी हिमले, माही बांधे आदि का मंच में सम्मान किया गया। साथ ही अमृत दास डहरिया जी जिलाध्यक्ष भीम आर्मी बिलासपुर के नेतृत्व में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं में प्रमुख रूप से रंजीत कुमार गेंदले, रेशल लाल जांगड़े, चन्द्रशेखर मंगेशकर, रजत जांगड़े, अवधेश कुमार, रूपेश दिवाकर, किरण कुमार, बलदेव सिंह, आदि कार्यकर्ताओं का भी सम्मान किया गया।
कार्यक्रम का संचालन श्वेता गेडाम, सुजाता वाहने, सरोज हुमने, चेतना तम्हाने, सुबोध रंगारी एवं राजेश हुमने द्वारा किया गया। आभार प्रदर्शन सारंगराव हुमने द्वारा किया गया। जिसमें सैकड़ों की संख्या में प्रमुख रूप से प्रमुख रूप से प्रफुल गेडाम राजेश हुमने, एस.आर. वाल्के, संतोष खोबरागढ़े, सुबोध रंगारी, मधुकर वासनीक सूर्यकान्त भालाधरे, सूर्यकान्त मेश्राम, कैलाश गजभीये, जितेन्द्र खोब्रागड़े, डाॅ. मयंक मेश्राम, मनोज बौद्ध, विनोद उके, जितेन्द्र भावे, कमलेश लाहोत्रे कपिल डोंगरे, कल्पना संेड़े सरिता कामड़ेे ललिता वाहने उषा वाहने, सरोज हुमने, सुजाता वाहने, चेतना तम्हाने श्वेता गेडााम, गीता उके, सीमा मेश्राम, वर्षा मेश्राम, अंजना बोरकर अनुराधा, बोरकर, लक्ष्मी वाहने हेमा रामटेके, उजाला चन्द्रिकापुरे, नीता हुमने, शारदा रामटेके, सत्यभामा नंदागौरी, संस्कृति रामटेके प्रमुख सदस्यों की उपस्थिति रहीं। उक्त जानकारी राजेश हुमने जिला अध्यक्ष भारतीय बौद्ध महासभा बिलासपुर द्वरा दी गई।

