पुराने ड्राइवरों ने ही दिया घटना को अंजाम…लूट के इरादे से घर में घुसे थे पहचान लिए जाने पर कर दी हत्या …!
कोरबा-{जनहित न्यूज़} कोरबा में विगत दिनों 05 जनवरी 2025 की रात को कोरबा सराफा एसोसिएशन के सदस्य स्व. गोपाल राय सोनी के हत्यारों के पकड़ने पर पुलिस महानिरीक्षक संजीव शुक्ला, पुलिस अधिक्षक सिध्दार्थ तिवारी, थाना प्रभारी अभिनवकांत सिंह एवं पुलिस विभाग के जिम्मेदारी, अथक प्रयास एवं सफलता पर छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन विशेष अभार व्यक्त किया।

छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल सोनी विशेष रूप से पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस अधिक्षक से मिलकर घटना के दोषियों को पकड़ने के लिये निवेदन किया था एवं पुलिस विभाग तथा कोरबा जिला अध्यक्ष रामकुमार सोनी से घटना से संबंधित जाँच-पड़ताल की जानकारी हेतु लगातार जुड़े रहे।
इस दर्दनाक घटना की मार्मिक मूल्यों को मद्देनजर कोरबा पुलिस अधिक्षक सिध्दार्थ तिवारी ने ठाना था कि जब-तक दोषियों का गिरफ्तार नहीं कर लेता तब तक कार्यालय में प्रवेश नहीं करूंगा, तब से साईबर सेल में ही बैठकर सात दिन अथक प्रयास किया उसी के फलस्वरूप आज उनका प्रण पूरा हो गया, अपने एवं टीम के अथक प्रयास से हत्यारों को पकड़ लिया गया है। पुलिस अधिक्षक आज सफलता के बाद निरंतर सेवाओं के लिये अपने कार्यालय में प्रवेश किये।
उक्त घटना में पुलिस विभाग द्वारा किये गये सफलतापूर्वक कार्य से दोषियों में एक भय व्याप्त होगा एवं भविष्य में ऐसी घटनाओं में रोक लगेगी। छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन पुलिस विभाग की टीम को पुनः अभिनंदन करती है एवं अभार व्यक्त करती है।
उक्त दर्दनाक घटना के दोषियों के पकड़े जाने पर छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन ने गृह मंत्री विजय शर्मा को भी अभिनंदन एवं अभार प्रेषित किया।

ज्ञात हो कि कोरबा शहर के सराफा कारोबारी गोपाल राय सोनी की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस जघन्य वारदात को कारोबारी के ही दो पुराने ड्राइवरों ने एक अन्य बदमाश से मिलकर अंजाम दिया था। हत्या का मकसद लूट था, लेकिन पहचान लिए जाने पर उन्होंने हत्या कर दी। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि दो अन्य आरोपी फरार हैं।
यह घटना 5 जनवरी की रात 9.40 से 9.59 के बीच हुई। कारोबारी गोपाल राय और उनकी अस्वस्थ पत्नी घर पर थे। ड्राइवर सूरज गोस्वामी और आकाश गोस्वामी ने अपने साथी मोहन मिंज के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। हत्या के बाद आरोपी क्रेटा कार, सूटकेस और मोबाइल लेकर फरार हो गए। हत्या के बाद आरोपी सूरज गोस्वामी ने पुलिस और परिजनों को चकमा देते हुए अंत्येष्टि और अन्य कार्यों में हिस्सा लिया। उसका यह शातिराना कदम मामले को उलझाने के लिए था।
पुलिस को ऐसे मिला सुराग
पुलिस को इस घटना का सुराग घर के सीसीटीवी फुटेज से मिला। फुटेज में दो संदिग्धों को घर में घुसते और बाद में कार लेकर जाते हुए देखा गया। कार परसाभाठा बालको मार्ग में मिली। जांच के दौरान, कार की पार्किंग में खून के धब्बे मिले, जिससे पता चला कि आरोपियों में से कोई घायल था। पुलिस ने मैन्युअल जांच के जरिए मोहन मिंज को हिरासत में लिया, जिसके बाद घटना का खुलासा हुआ।
पैसों की जरूरत और सोची समझी साजिश-:
-आरोपी आकाश गोस्वामी को पैसों की सख्त जरूरत थी। उसने अपने भाई सूरज और मोहन मिंज के साथ मिलकर वारदात की योजना बनाई। आरोपियों को पता था कि गोपाल राय घर लाते समय सूटकेस में दुकान की चाबी रखते हैं। 25 दिसंबर को ही हत्या और लूट की योजना बना ली गई थी।
ऐसे हुई वारदात-5 जनवरी की रात, तीनों आरोपी घर के पास खंडहर में छिपे थे। जैसे ही गोपाल राय घर पहुंचे और उनका बेटा नचिकेता दुकान चला गया, तीनों दीवार फांदकर घर में घुस गए। सूरज मंदिर में छिपा हुआ था, लेकिन गोपाल राय ने उसे देख लिया। पहचान हो जाने के डर से सूरज ने मोहन और आकाश के साथ मिलकर धारदार हथियार से गोपाल राय की हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी सूटकेस और दुकान की चाबी लेकर फरार हो गए। हथियार और सूटकेस को नदी में फेंक दिया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और अन्य सबूत बरामद कर लिए हैं। पुलिस ने सूरज गोस्वामी और मोहन मिंज को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन आकाश गोस्वामी का बड़ा भाई और मुख्य आरोपी सूरज अब भी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। बिलासपुर आईजी डॉ. संजीव शुक्ला ने बताया कि अन्य दो फरार अपराधियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

