पूर्व एल्डरमैन वरिष्ठ भाजपा नेता मनीष अग्रवाल ने काँग्रेस पर किया तीखा प्रहार
बिलासपुर-{जनहित न्यूज} छत्तीसगढ़ की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। हाल ही में हुए चुनावों में जनता ने कांग्रेस सरकार को पूरी तरह नकारते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को भारी समर्थन दिया। इस चुनाव परिणाम ने राज्य की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है।
भाजपा की जीत: सेवा, सुशासन और विकास को मिला जनसमर्थन छत्तीसगढ़ की जनता ने इस बार “कांग्रेस मुक्त छत्तीसगढ़” के नारे को हकीकत में बदलने का संकेत दिया है। भाजपा ने सेवा, सुशासन और विकास के मुद्दों के साथ जनता का भरोसा जीता। पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में भी भाजपा की लगातार जीत इस बात का प्रमाण है कि जनता कांग्रेस के शासन से असंतुष्ट थी।
भ्रष्टाचार और कुशासन बना कांग्रेस की हार की वजह कांग्रेस सरकार के दौरान हुए गोबर घोटाला, जमीन घोटाला, शराब घोटाला, व्यापमं घोटाला और पीएससी घोटाले जैसे मामलों ने सरकार की साख को गिरा दिया। जनता ने सरकार के भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के खिलाफ वोट देकर अपना गुस्सा जाहिर किया।
ईवीएम पर कांग्रेस का दोहरा रवैया
हर चुनाव के बाद ईवीएम पर सवाल उठाने की कांग्रेस की परंपरा इस बार भी जारी रही। जब कांग्रेस जीतती है तो ईवीएम सही, लेकिन हार के बाद ईवीएम पर ही सवाल उठाए जाते हैं। यह दोहरा रवैया जनता को भी समझ में आ गया है।
युवा पत्रकार की हत्या से बढ़ी राजनीतिक हलचल हाल ही में प्रदेश में हुई एक युवा पत्रकार की हत्या ने कानून व्यवस्था और कांग्रेस सरकार के कार्यकाल पर सवाल खड़े कर दिए। कांग्रेस नेताओं की संलिप्तता के आरोपों ने पार्टी की स्थिति को और कमजोर कर दिया।
कांग्रेस में बढ़ती फूट, नए क्षेत्रीय दल के संकेत? प्रदेश की कांग्रेस में असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। जिस तरह अजीत जोगी ने अपनी अलग पार्टी बनाई थी, वैसे ही अब कई कांग्रेसी नेता बगावत के मूड में दिख रहे हैं। यह संभावना जताई जा रही है कि छत्तीसगढ़ में जल्द ही एक नया क्षेत्रीय दल उभर सकता है।
होली के बाद कांग्रेस में बड़े बदलाव की संभावना सूत्रों के अनुसार, होली के बाद कांग्रेस में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस अपनी पुरानी गलतियों से सबक लेकर संगठन को मजबूत कर पाती है या राज्य की राजनीति में कोई नया मोड़ आता है।

