चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने जताई गंभीर आपत्ति
रायपुर-{जनहित न्यूज़} रायपुर छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (सीसीसीआई) के आगामी चुनावों में संविधान संशोधन और क्षेत्रवाद के आरोपों को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष, कमल सोनी, ने चैंबर के संविधान में किए गए संशोधनों पर गंभीर आपत्ति जताई है, जो रायपुर क्षेत्र के व्यापारियों को प्रमुख पदों पर विशेषाधिकार प्रदान करते हैं, जबकि अन्य जिलों के व्यापारियों के अधिकारों का हनन हो रहा हैं।
क्या है…संविधान संशोधन और विवाद:
1. धारा 16 (ब) (7) का लोप: पूर्व में, यह धारा अध्यक्ष, महामंत्री, और कोषाध्यक्ष को दो कार्यकाल से अधिक एक ही पद पर रहने से रोकती थी। संशोधित संविधान में इस प्रावधान को हटाने से, अब एक ही व्यक्ति अनिश्चितकाल तक पद पर बना रह सकता है, जिससे अन्य सदस्यों के अवसर सीमित हो गए हैं।
2. धारा 9 (1) और धारा 15 का विरोधाभास: धारा 9 (1) प्रत्येक सदस्य को संघ के किसी भी पद के लिए चुनाव लड़ने का अधिकार देती है। हालांकि, धारा 15 के अनुसार, अध्यक्ष, महामंत्री, और कोषाध्यक्ष पदों के लिए केवल रायपुर और नया रायपुर विधानसभा क्षेत्रों के निवासी ही पात्र हैं। यह प्रावधान अन्य जिलों के व्यापारियों के अधिकारों का उल्लंघन करता है।
व्यापारी समुदाय की क्या है प्रतिक्रिया
कमल सोनी ने इन संशोधनों को अलोकतांत्रिक और भेदभावपूर्ण करार देते हुए कहा कि यह राज्य के समस्त व्यापारिक समुदाय के अधिकारों का हनन है। उन्होंने मांग की है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए और सभी जिलों के व्यापारियों को समान अवसर प्रदान किया जाए। यदि इन असंवैधानिक प्रावधानों में सुधार नहीं होता है, तो व्यापारी समुदाय बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहा है।
चुनाव प्रक्रिया में देरी
इसके अतिरिक्त, सीसीसीआई के पूर्व उपाध्यक्ष, राजेश वासवानी, ने भी चुनाव प्रक्रिया में देरी पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने वर्तमान अध्यक्ष, अमर पारवानी, से तत्काल चुनाव कराने की मांग की है, ताकि व्यापारी समुदाय की समस्याओं का समाधान हो सके।
इस विवाद ने छत्तीसगढ़ के व्यापारी संगठनों में गहरी नाराजगी पैदा की है, और सभी की निगाहें चैंबर के अगले कदम पर टिकी हैं।

