सत्यापन की प्रक्रिया लागू करनी चाहिए ये हमारा सुझाव न कि निर्देश…🙏
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] जनदर्शन जनता की समस्याओं के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है, लेकिन कुछ असामाजिक तत्व इसे व्यक्तिगत द्वेष और दुर्भावना का जरिया बना रहे हैं। हाल ही में हमारी टीम ने जब जनदर्शन में प्रस्तुत किए गए आवेदनों की पड़ताल की तो कई ऐसे आवेदन मिले जो फर्जी नाम और पते के आधार पर दिए गए थे।
दरअसल, कुछ लोग निजी दुश्मनी निकालने के लिए किसी निर्दोष व्यक्ति अथवा संस्था और अधिकारी या फिर आमजन के खिलाफ झूठे आरोप लगाकर आवेदन प्रस्तुत कर देते हैं। जब कलेक्टर महोदय ऐसे आवेदनों को संबंधित विभाग को जांच के लिए भेजते हैं, तो न केवल निर्दोष व्यक्ति को मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है, बल्कि उनके कामकाज में भी बाधाएं आती हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि जांच के दौरान यदि आरोप झूठा साबित हो भी जाता है, तो फर्जी आवेदन देने वाले पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
हमारी टीम ने पाया कि कई मामलों में जिन व्यक्तियों के नाम से आवेदन दिए गए, वे उस स्थान पर रहते ही नहीं थे। यह एक गंभीर समस्या है, क्योंकि फर्जी शिकायतों के कारण न केवल सरकारी तंत्र का समय और संसाधन व्यर्थ होते हैं, बल्कि निर्दोष लोगों को भी अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ये हमार सुझाव है ना कि निर्देश🙏
फर्जी आवेदनों को रोकने के लिए सुधार आवश्यक
हमारा सुझाव है कि जनदर्शन में प्रस्तुत किए जाने वाले आवेदनों की सत्यता जांचने के लिए एक सख्त प्रक्रिया अपनाई जाए। इसमें निम्नलिखित कदम उठाए जा सकते हैं।
1. आवेदनकर्ता की पहचान सुनिश्चित करना – आवेदन के साथ आधार कार्ड की प्रति और एक फोटो संलग्न करना अनिवार्य किया जाए, ताकि आवेदक की वास्तविक पहचान हो सके।
2. झूठे आरोपों पर कार्रवाई – यदि कोई व्यक्ति किसी पर झूठे आरोप लगाते हुए फर्जी आवेदन देता है और जांच में गलत पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
3. सत्यापन की प्रक्रिया – जनदर्शन में आने वाले आवेदनों को स्वीकार करने से पहले एक प्रारंभिक सत्यापन प्रक्रिया अपनाई जाए, जिससे फर्जी मामलों को पहले ही रोका जा सके।
4. ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम – आवेदन की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक करने की सुविधा दी जाए, जिससे आवेदकों और प्रशासन दोनों को पारदर्शिता मिले।
जनदर्शन जनता की समस्याओं के समाधान के लिए एक सकारात्मक पहल है, लेकिन इसका दुरुपयोग रोकने के लिए सुधार आवश्यक है। हमारा उद्देश्य प्रशासन को कोई निर्देश देना नहीं है, बल्कि एक जागरूक नागरिक के रूप में एक महत्वपूर्ण समस्या की ओर ध्यान आकर्षित कराना है। यदि इस दिशा में उचित कदम उठाए जाएं, तो प्रशासन की कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी तथा पारदर्शी हो सकेगी।

