राज्य सरकार द्वारा नि:शुल्क उपलब्ध कराए जा रहे एंटी-डी इंजेक्शन से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मिलेगा संबल…
रायपुर-{जनहित न्यूज़} पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, रायपुर के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग तथा रायपुर सोसाइटी ऑफ पेरिनेटोलॉजी एंड रिप्रोडक्टिव बायोलॉजी (RSOPARB) के संयुक्त तत्वावधान में आज EMOC हॉल में Rh Isoimmunization एवं Fetomaternal Hemorrhage विषय पर एक उच्च स्तरीय सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य Rh-नेगेटिव गर्भवती महिलाओं की देखभाल एवं Rh isoimmunization की रोकथाम में चिकित्सकों की जागरूकता और दक्षता को बढ़ाना था। इस अवसर पर लगभग 60 स्त्री रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया।
RSOPARB की अध्यक्ष डॉ. त्रिप्ती नागरिया और सचिव डॉ. ज्योति जायसवाल के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने एंटी-डी इम्यूनोग्लोबुलिन इंजेक्शन के समय पर उपयोग की महत्ता पर जोर दिया।
चिकित्सकीय दिशा-निर्देशों के अनुसार, 28वें सप्ताह में 300 माइक्रोग्राम की एकल खुराक और डिलीवरी के 72 घंटे के भीतर इंजेक्शन का पुनः प्रयोग Rh-पॉजिटिव शिशु की स्थिति में अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, प्रथम तिमाही में यदि गर्भपात या कोई मेडिकल प्रक्रिया होती है, तो 50-100 माइक्रोग्राम की खुराक आवश्यक है।

डॉ. ज्योति जायसवाल द्वारा मुख्य व्याख्यान में Rh Isoimmunization और Fetomaternal Hemorrhage की जटिलताओं, निदान एवं नवीनतम उपचार पद्धतियों पर विस्तृत जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम में डॉ. नीरजा अग्रवाल, डॉ. अरविंद नेरल एवं डॉ. अभा दाहरवाल जैसी वरिष्ठ चिकित्सकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इसके बाद आयोजित पैनल चर्चा का संचालन डॉ. रुचि किशोर एवं डॉ. स्मृति नाइक ने किया।

जिसमें विशेषज्ञों ने उपयोगी सुझाव साझा किए। कार्यक्रम के अंतिम चरण में पोस्टग्रेजुएट ब्रेन स्टॉर्मिंग क्विज आयोजित हुई, जिसमें डॉ. राखी सचदेव विजेता रहीं। क्विज का संचालन डॉ. सुप्रिया गुप्ता, डॉ. रूमी और डॉ. श्रेया ने किया।

कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. अर्पणा वर्मा और डॉ. निहारिका सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन अंजुम खान द्वारा प्रस्तुत किया गया।

यह CME कार्यक्रम न केवल चिकित्सकीय ज्ञान में वृद्धि का माध्यम बना, बल्कि मातृ-शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक प्रभावशाली और प्रेरणादायक पहल भी सिद्ध हुआ।

