श्री प्रेम सेवा समिति परिवार द्वारा मिनोचा कॉलोनी में नानी बाई का मायरा (भजन) त्रिदिवसीय कथा महोत्सव का आयोजन…
बिलासपुर-[जनहित न्यूज] धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से श्री प्रेम सेवा समिति परिवार के तत्वावधान में नानी बाई का मायरा (भजन) त्रिदिवसीय कथा एवं भजन संध्या का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इसी कार्यक्रम के आयोजन के लिए शनिवार को प्रेस वार्ता कर श्री प्रेम सेवा समिति परिवार की ओर से जानकारी देते हुये समिति सदस्यों व पदाधिकारी द्वारा बताया गया, कि यह आयोजन 9 जनवरी से 11 जनवरी तक मिनोचा कॉलोनी गार्डन के पास प्रतिदिन आयोजित होगा।

करीब पौने दो लाख स्क्वेयर फीट मैदान में कथा सुनने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधा की व्यवस्था की जा रही है। कथा स्थल में प्रवेश के लिए 4 गेट होंगे। एक दो और तीन नंबर के गेट आम लोगों के लिए होगा। चौथे नंबर के गेट में VVIP लोग प्रवेश करेंगे। वीआईपी लोगों के आने जाने के लिए ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि आम लोगों को किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। वीआईपी लोगो में मुख्यमंत्री, तमाम मंत्री, सांसद, विधायक, प्रशासनिक अधिकारी और महत्वपूर्ण लोग होंगे। कथा में आने वालों के वाहन सुरक्षित रखने की व्यवस्था रहेगी। मुख्य सड़क से कथा स्थल तक पहुंचने ई-रिक्शों की व्यवस्था होगी। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए जलपान की व्यवस्था भी रहेगी जो पूर्णतः निःशुल्क रहेगी। कथा स्थल में साफ सफाई के लिए भंडारा महाराष्ट्र से सफाई कर्मचारी बुलाए गए है। कार्यक्रम के आयोजन को लेकर हमने जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन को सूचित कर अनुमति ले ली है। लेकिन पूरी व्यवस्था हमारी समिति संभालेगी।

इस त्रिदिवसीय धार्मिक आयोजन में देश की सुप्रसिद्ध कथावाचिका जया किशोरी जी नानी बाई का मायरा कथा का भावपूर्ण व प्रेरणादायक वाचन करेंगी। कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति, संस्कार, सेवा और सामाजिक समरसता का संदेश मिलेगा।
आयोजकों के अनुसार, कथा के साथ-साथ प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक भजन संध्या का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें भक्ति संगीत और संकीर्तन के माध्यम से श्रद्धालु भगवान के नाम में लीन होंगे।

श्री प्रेम सेवा समिति परिवार ने नगरवासियों एवं आसपास के क्षेत्र के श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस त्रिदिवसीय कथा एवं भजन संध्या में भाग लें और धर्मलाभ प्राप्त करें। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा एवं व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करेगा, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी भाईचारे का संदेश भी देगा।

