छत्तीसगढ़ से यूपी तक पुलिस ने किया पीछा मिर्जापुर में शॉर्ट एनकाउंटर के बाद चार आरोपी सपड़ाये…
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर राजकिशोर नगर में सराफा कारोबारी से करीब 3 करोड़ रुपये के सोना-नकदी की लूट के मामले में पुलिस ने फिल्मी अंदाज़ में 24 घंटे के भीतर बड़ी कामयाबी हासिल की है। बिलासपुर से शुरू हुआ पीछा तीन राज्यों की सीमाएं पार करता हुआ मिर्जापुर तक पहुंचा, जहां अहरौरा क्षेत्र में घेराबंदी के दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लगी और चारों को गिरफ्तार कर लिया गया। ऑपरेशन में छत्तीसगढ़ पुलिस और उत्तर प्रदेश एटीएस की संयुक्त टीम शामिल रही।

घर से 500 मीटर पहले वारदात
मंगलवार रात महालक्ष्मी ज्वेलर्स के संचालक संतोष तिवारी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। घर से महज 500 मीटर पहले बदमाशों ने उनकी कार रोकी। पिस्टल दिखाकर डराया गया, लेकिन पूर्व पुलिस कांस्टेबल रह चुके तिवारी ने हिम्मत दिखाते हुए एक आरोपी को पकड़ लिया। तभी दूसरे बदमाश ने हथौड़े से हमला कर उन्हें घायल कर दिया और कार लेकर फरार हो गए।
लूट का माल
2.200 किलो सोने के जेवर
350 ग्राम कच्चा सोना
100 ग्राम फाइन गोल्ड
3.50 लाख रुपये नकद
हर 100 किमी पर गाड़ी बदली, फिर भी घिरे आरोपियों ने कारोबारी की क्विड कार से उर्तुम तक भागकर वहां पहले से खड़ी स्कॉर्पियो पकड़ी। आगे स्कॉर्पियो छोड़ आई-20 से यूपी बॉर्डर की ओर निकल गए। पुलिस के अनुसार, हर 100–150 किमी पर वाहन बदलने की तैयारी थी ताकि पीछा कर रही टीम को भ्रमित किया जा सके।

लेकिन तकनीकी सर्विलांस ने पूरा खेल पलट दिया। मोबाइल लोकेशन से मिला बड़ा सुराग करीब दो महीने पहले जबड़ापारा में लूट की कोशिश में पकड़े गए आरोपी से जुड़े मोबाइल नंबर ने इस केस में अहम कड़ी जोड़ी। वारदात के बाद टॉवर डंप विश्लेषण में वही नंबर सक्रिय मिला। सीएसपी निमितेश सिंह की टीम लोकेशन ट्रैक करते हुए उर्तुम पहुंची, जहां कारोबारी की कार बरामद हुई।
यूपी पुलिस को अलर्ट किया गया। अहरौरा थाना क्षेत्र में चेकिंग के दौरान संदिग्ध आई-20 को रोका गया। घेराबंदी में एक आरोपी घायल हुआ, जबकि तीन अन्य को दबोच लिया गया।

6 महीने से शहर में डेरा पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी पिछले छह महीने से सीपत क्षेत्र में किराए के मकान में रहकर ज्वेलरी दुकानों की रेकी कर रहे थे। दिन में निगरानी और रात में वारदात को अंजाम देने की योजना थी। हाई अलर्ट पर रहा पूरा महकमा आईजी रामगोपाल गर्ग ने ऑपरेशन की मॉनिटरिंग की। एसएसपी रजनेश सिंह अवकाश पर होने के बावजूद लगातार संपर्क में रहे। 10 टीमें गठित की गईं, जिनमें 3 टीमें तकनीकी सर्विलांस पर थीं। यूपी एटीएस से तालमेल के बाद घेराबंदी कर कार्रवाई की गई।
अब आगे क्या?
आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर लाया जाएगा। लूटे गए जेवरों की बरामदगी पर फोकस गिरोह के अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच तेज इंटरस्टेट एक्शन और मुठभेड़ के बाद यह मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। पुलिस गिरोह के पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की तैयारी में जुटी है।

