बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में स्तन कैंसर के उपचार एवं जागरूकता को लेकर एक दिवसीय कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन (CME) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन अधिष्ठाता (डीन) डॉ. रमनेश मूर्ति के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में सर्जरी विभाग द्वारा संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का उद्देश्य चिकित्सकों को स्तन कैंसर के नवीनतम निदान और उपचार पद्धतियों से अवगत कराना तथा उन्हें व्यावहारिक उपचार के दौरान अधिक प्रशिक्षित और आत्मविश्वासी बनाना रहा। इसके साथ ही मरीजों के साथ बेहतर संवाद, संवेदनशील व्यवहार और चिकित्सा नैतिकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
विशेषज्ञों ने साझा किया अनुभव
CME में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से आए विशेषज्ञों ने अपने व्याख्यानों से कार्यक्रम को समृद्ध किया।
अतिथि व्याख्याता के रूप में एम्स रायपुर से प्रोफेसर डॉ. राधाकृष्णा रामचंदानी एवं अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर के वरिष्ठ कंसल्टेंट डॉ. अमित वर्मा ने स्तन कैंसर सर्जरी एवं आधुनिक उपचार पद्धतियों पर विस्तृत जानकारी दी।
इन-हाउस स्पीकर के रूप में डॉ. चंद्रहास ध्रुव (प्रोफेसर, रेडिएशन एवं मेडिकल ऑन्कोलॉजी) तथा डॉ. शहनाज बानो (सहायक प्राध्यापक, पैथोलॉजी विभाग) ने सर्जरी, कीमोथेरेपी और हिस्टोपैथोलॉजी के नवीनतम दृष्टिकोणों पर प्रकाश डाला।
वरिष्ठ विशेषज्ञों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में संस्थान के वरिष्ठ विशेषज्ञों की सक्रिय भागीदारी रही। डॉ. भूपेंद्र कश्यप (नोडल अधिकारी), डॉ. लखन सिंह (चिकित्सा अधीक्षक), डॉ. मधुमिता मूर्ति (प्रोफेसर, एनेस्थीसिया विभाग), डॉ. ओमप्रकाश राज (विभागाध्यक्ष, सर्जरी विभाग) एवं डॉ. केशव कश्यप सहित अन्य फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल, यह CME कार्यक्रम आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों को जमीनी स्तर पर लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे शैक्षणिक आयोजनों से चिकित्सकों की दक्षता बढ़ेगी और मरीजों को बेहतर, सुरक्षित एवं प्रभावी उपचार मिल सकेगा।
सिम्स द्वारा आयोजित यह पहल न केवल चिकित्सकीय ज्ञान के आदान-प्रदान का मंच बनी, बल्कि स्तन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध हुई।

