रिटायर्ड आर्मी अफसर के सूने घर को चोरों ने बनाया निशाना…!
ढीली पुलिसिंग पर उठे सवाल…?
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर शहर में लगातार बढ़ती चोरियों ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मंगला स्थित अभिषेक विहार फेस-2 कॉलोनी में बीती रात रिटायर्ड आर्मी अधिकारी शैलेश मिश्रा के सूने मकान को चोरों ने निशाना बनाते हुए करीब 2 लाख रुपए की चोरी कर ली। घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है और पुलिसिंग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बाहर गए थे मालिक, बदमाशों ने तोड़ा ताला सूत्रों के मुताबिक, शैलेश मिश्रा किसी आवश्यक कार्य से बाहर गए हुए थे। इसी दौरान अज्ञात बदमाशों ने मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर घर में प्रवेश किया। अलमारी को खंगालते हुए सोने-चांदी के जेवर और नगदी समेत लगभग दो लाख रुपए की संपत्ति पार कर दी।

सुबह जब पड़ोसियों ने घर का दरवाजा खुला देखा तो उन्हें संदेह हुआ। सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घर के भीतर सामान बिखरा मिला और अलमारी टूटी हुई थी, जिससे साफ है कि चोरों ने आराम से वारदात को अंजाम दिया।

डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी घटना की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। टीम ने मौके से उंगलियों के निशान और अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटाए हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर पूछताछ की जा रही है।
थाना प्रभारी ने बताया…
अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी।
रहवासियों में आक्रोश, गश्त बढ़ाने की मांग
घटना के बाद कॉलोनीवासियों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि क्षेत्र में रात्रि गश्त न के बराबर है, जिससे चोरों के हौसले बुलंद हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से नियमित पेट्रोलिंग और सुरक्षा व्यवस्था सख्त करने की मांग की है।

क्या न्यायधानी बनती जा रही है अपराधियों का गढ़…?
पिछले कुछ महीनों में शहर में चोरी, लूट और अन्य आपराधिक घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। सवाल यह उठता है कि क्या पुलिस की ढीली निगरानी और गश्त की कमी से अपराधियों को खुली छूट मिल रही है…?
रिटायर्ड सेना अधिकारी के घर में चोरी की यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल है, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ाती है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई कर आरोपियों तक पहुंच पाती है, या फिर यह वारदात भी फाइलों में सिमट कर रह जाएगी।

