बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) चिकित्सालय में मरीजों को बेहतर एवं त्वरित उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कैजुअल्टी वार्ड का व्यापक रिनोवेशन कर उसे पूरी तरह नए स्वरूप में शुरू किया गया है। नव-निर्मित कैजुअल्टी वार्ड में 20 बेड की आधुनिक सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
इस अवसर पर सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह एवं नोडल अधिकारी डॉ. भूपेंद्र कश्यप सहित अन्य वरिष्ठ चिकित्सक एवं स्टाफ उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने नव-निर्मित कैजुअल्टी वार्ड का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इस दौरान अधिष्ठाता महोदय के द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर लगभग 20 साल पुराने कैजुअल्टी वॉर्ड को संजोते हुए उसके संसाधनों एवं आवश्यक सामान के साथ नए कलेवर में पुनः प्रारंभ किया गया, जो इस नव-निर्माण को विशेष महत्व प्रदान करता है।
अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि यह नया कैजुअल्टी वार्ड मरीजों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार देने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने बताया कि आधुनिक उपकरणों, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ वातावरण एवं सुव्यवस्थित बेड व्यवस्था के साथ इस वार्ड को तैयार किया गया है, जिससे गंभीर मरीजों के उपचार में तेजी लाई जा सके।
इस अवसर पर डॉ. सुनील पेंद्रो, इंजी.उत्कर्ष शर्मा आशुतोष शर्मा, गरीमा पाण्डेय स्वाति कुमार, राजकुमारी चौहान, पिंकी दास, सिस्टर उज्जवला दास एवं इंचार्ज सिस्टर संगीता नेम ने नई कैजुअल्टी व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इसके साथ ही पुष्पलता शर्मा, सोमनाथ चंद्राकर, वर्षा बेक एवं चंचल सहित समस्त स्टाफ की सक्रिय सहभागिता से यह कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि सिम्स प्रशासन लगातार मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है और भविष्य में भी अस्पताल की सुविधाओं को और उन्नत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस नव-निर्मित कैजुअल्टी वार्ड से आपातकालीन स्थिति में आने वाले मरीजों को तत्काल राहत और बेहतर उपचार मिल सकेगा।
नए रूप में तैयार कैजुअल्टी वार्ड सिम्स की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र के हजारों मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा।

