विधानसभा में गूंजा श्रमिकों का सवाल बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला हुए मुखर…! ठेका मजदूरों के अधिकारों पर सरकार को घेरा…!
रायपुर/बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र 2026 के प्रश्नकाल के दौरान बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने प्रदेश के निविदा श्रमिकों (ठेका मजदूरों) के अधिकारों का मुद्दा जोरदार तरीके से सदन में उठाकर एक महत्वपूर्ण बहस को जन्म दिया। उन्होंने श्रमिकों की सुरक्षा, दुर्घटना की स्थिति में त्वरित एवं उचित मुआवजा, तथा 20 से अधिक श्रमिकों को कार्य में लगाने वाले ठेकेदारों के अनिवार्य पंजीयन जैसे गंभीर विषयों पर सरकार का ध्यान केंद्रित किया।
विधायक शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में श्रमिक ठेका प्रणाली के तहत कार्यरत हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा, बीमा और मुआवजा संबंधी व्यवस्थाएं अक्सर स्पष्ट नहीं होतीं। इस कारण दुर्घटना के समय श्रमिकों को समय पर सहायता नहीं मिल पाती, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने मांग की कि श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए सख्त नियम बनाए जाएं और उनके प्रभावी क्रियान्वयन की सुनिश्चित व्यवस्था हो।
इस मुद्दे पर जवाब देते हुए श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने सदन को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि ठेका श्रमिकों के पंजीयन, सुरक्षा मानकों और दुर्घटना मुआवजा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही अधिकारियों के माध्यम से नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी ताकि श्रमिकों के हितों की रक्षा हो सके।
विधानसभा में उठाया गया यह मुद्दा प्रदेश के हजारों श्रमिकों की जिंदगी से जुड़ा हुआ है। इससे न केवल उनकी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है, बल्कि उनके अधिकारों को भी नई मजबूती मिलने की संभावना है।
अंत में विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा,
श्रमिक हमारे विकास की रीढ़ हैं। उनके अधिकारों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

