भाई बना जल्लाद रिश्तों की टूटन और सुनियोजित षड्यंत्र की बनी खौफनाक मिसाल…!
मुंगेली-{जनहित न्यूज़}
मुंगेली जिले में सेवानिवृत्त लेखापाल की अंधी हत्या की गुत्थी को पुलिस ने बेहद सूझबूझ और हाईटेक तकनीक की मदद से सुलझाते हुए एक सनसनीखेज खुलासा किया है। इस पूरे मामले में रिश्तों को शर्मसार करते हुए मृतक के सगे भाई और परिजन ही हत्या के मास्टरमाइंड निकले। पुलिस ने 11 आरोपियों सहित 4 नाबालिगों को गिरफ्तार कर लिया है।
त्रिनयन एप और CCTV बने “गेम चेंजर”
पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज के निर्देशन और एसएसपी भोजराम पटेल के मार्गदर्शन में गठित टीम ने “त्रिनयन एप” के जरिए जिले भर के CCTV कैमरों को खंगाला। जांच के दौरान एक संदिग्ध हुण्डई ईओन कार मृतक का पीछा करते नजर आई। इसी सुराग ने पूरे हत्याकांड की परतें खोल दीं।
अपहरण कर सुनसान में की हत्या
21 मार्च को ग्राम मनोहरपुर के पास सुनसान रास्ते में आरोपियों ने दामोदर राजपूत (62) को रोककर गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को कार में डालकर कवर्धा जिले के जंगल में नदी किनारे गड्ढे में दफन कर दिया गया।
10 लाख की सुपारी, करोड़ों की संपत्ति बना मकसद जांच में खुलासा हुआ कि मृतक के भाई रणजीत राजपूत, चचेरे भाई रामपाल और अन्य परिजनों ने करीब 10 लाख रुपए और जमीन के लालच में सुपारी देकर हत्या करवाई।
आरोपियों ने पहले बाप-बेटे के बीच दुश्मनी बढ़ाई, फिर फर्जी नोटरी वचनपत्र तैयार कर करोड़ों की संपत्ति अपने नाम कराने की साजिश रची।

फर्जी दस्तावेज से रचा गया पूरा खेल
मृतक के नाम से एक संदिग्ध नोटरी दस्तावेज तैयार किया गया, जिसमें बेटे को संपत्ति से बेदखल दिखाया गया। पुलिस को शुरू से ही इस दस्तावेज पर शक था, जिसने जांच को परिवार की ओर मोड़ दिया।
प्रयागराज में भटकाने की साजिश
हत्या के बाद आरोपियों ने मृतक का मोबाइल प्रयागराज ले जाकर गंगा नदी में फेंक दिया, ताकि यह भ्रम फैले कि वह साधु बनने चला गया है। लेकिन तकनीकी जांच ने इस चाल को भी बेनकाब कर दिया।

11 आरोपी गिरफ्तार, 4 नाबालिग भी शामिल
पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ताओं समेत 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि 4 नाबालिगों को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है।

जप्ती में सुपारी की रकम, कारें, मोटरसाइकिल और स्कूटी शामिल हैं।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस जटिल केस को सुलझाने में साइबर सेल, थाना लालपुर, लोरमी और जरहागांव पुलिस की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
निष्कर्ष…
यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि लालच, रिश्तों की टूटन और सुनियोजित षड्यंत्र की खौफनाक मिसाल बनकर सामने आया है।
मुंगेली पुलिस की तकनीकी दक्षता और सतर्कता ने एक अंधे कत्ल को ऐतिहासिक खुलासे में बदल दिया।

