SSP भोजराम पटैल के कुशल नेतृत्व में पुलिस को मिली कामयाबी…
गौरेला चर्च के पास से मुख्य आरोपी गिरफ्तार…!
मुंगेली-{जनहित न्यूज़}
मुंगेली वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन में सरगांव थाना क्षेत्र के ग्राम बैतलपुर में हुए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बारात से लौटने के दौरान मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया, जिसमें एक युवक की मौत हो गई जबकि दो अन्य घायल हो गए।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम सरवन देवरी निवासी रूपेश कुमार प्रधान ने थाना सरगांव में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 8 मई की रात वह अपने बड़े भाई लक्ष्मी प्रसाद प्रधान के साथ बलराम यादव की बारात में ग्राम घुठिया गया था। भोजन के बाद कुछ बाराती पिकअप वाहन से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान बैतलपुर के पास पिकअप के केबिन में बैठे सुधीर केवट और रवि वर्मा को नीचे उतरने के लिए कहा गया, जिस पर विवाद शुरू हो गया।
देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया और आरोपी सुधीर केवट ने चाकू निकालकर लक्ष्मी प्रसाद प्रधान के पेट में ताबड़तोड़ वार कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे सूरज कश्यप पर भी चाकू से हमला किया गया। घटना में गंभीर रूप से घायल लक्ष्मी प्रसाद प्रधान को उपचार के लिए सिम्स अस्पताल बिलासपुर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं घायल सूरज कश्यप का उपचार जारी है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी भोजराम पटेल ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा एवं डीएसपी हरविंदर सिंह के मार्गदर्शन में साइबर सेल और सरगांव पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर लगातार पतासाजी की जा रही थी।
तकनीकी साक्ष्य, मुखबिर सूचना और लगातार दबिश के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी सुधीर केवट पिता रामावतार, उम्र 20 वर्ष, निवासी लखराम थाना रतनपुर जिला बिलासपुर को गौरेला चर्च के पास से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त चाकू भी बरामद किया गया है।

पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध थाना सरगांव में धारा 296, 103(1), 109 एवं 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले में अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी संतोष शर्मा, साइबर सेल प्रभारी सतेन्द्रपुरी गोस्वामी, प्रधान आरक्षक यशवंत डाहिरे सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।

