एसीसीयू व सरकंडा पुलिस की सयुंक्त कार्रवाई…! 8 महिलाओं को भारी मात्रा में 90 किलो गांजा सहित रंगे हाथ किया गिरफ्तार…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर कभी महिलाएं समाज की मर्यादा, संस्कार और परिवार की पहचान मानी जाती थीं, लेकिन अब अपराध की दुनिया में भी कुछ महिलाएं तेजी से अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही हैं। सरकंडा थाना क्षेत्र के मोपका चौकी पुलिस ने ऐसी ही 8 महिलाओं को भारी मात्रा में गांजा तस्करी करते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है, जिन्होंने नारीत्व की गरिमा को शर्मसार कर दिया।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो इलेक्ट्रिक ऑटो में कुछ महिलाएं रेलवे स्टेशन बिलासपुर से सीपत की ओर भारी मात्रा में गांजा लेकर जा रही हैं। सूचना मिलते ही मोपका पुलिस और ACCU टीम ने देर रात करीब 3 बजे सीपत रोड स्थित सीमेंट कंपनी के पास घेराबंदी कर कार्रवाई की।

जैसे ही दोनों ऑटो रोके गए, पुलिस भी हैरान रह गई। महिलाओं ने प्लास्टिक की बोरियों और कपड़ों के गट्ठरों में खाकी टेप से लिपटे गांजे के पैकेट छिपा रखे थे। तलाशी लेने पर कुल 86 पैकेट गांजा बरामद हुआ, जिसका वजन लगभग 90 किलो बताया जा रहा है। जब्त गांजा और वाहनों की कुल कीमत करीब 46 लाख 75 हजार रुपए आंकी गई है।

गिरफ्तार महिलाओं में अशोक बाई, नंद कुमारी, लक्ष्मी शिकारी, द्रोपती शिकारी, ग्यास बाई, गंगा सिंह, रम्मती शिकारी और इंद्राणी शामिल हैं। सभी आरोपी ग्राम मटियारी थाना सीपत क्षेत्र की निवासी बताई जा रही हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 716/26 के तहत धारा 20बी और 29 NDPS एक्ट में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि तस्करों ने महिलाओं को ढाल बनाकर गांजा सप्लाई का नेटवर्क तैयार किया। जिन हाथों में परिवार और समाज की जिम्मेदारी होनी चाहिए, वे अब नशे का जहर फैलाने में इस्तेमाल हो रहे हैं। यह घटना केवल कानून तोड़ने का मामला नहीं, बल्कि समाज के लिए गंभीर चेतावनी भी है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे किस नेटवर्क तक पहुंचाया जाना था। NDPS एक्ट के तहत सभी महिलाओं पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

