मालाबार ज्वेलरी शोरूम प्रकरण पर छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन का बड़ा फैसला …20 अगस्त को प्रदेशभर में कलेक्टरों के माध्यम से PMO, गृह मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय और मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपेंगे ज्ञापन..!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर एक ही HUID युक्त 22 कैरेट स्वर्ण आभूषण की शुद्धता को लेकर सामने आए मालाबार ज्वेलरी शोरूम प्रकरण ने अब प्रदेशभर के सराफा कारोबारियों को एकजुट कर दिया है। एक जांच में आभूषण को कथित तौर पर 20 कैरेट बताए जाने और पुनः जांच में उसी आभूषण के 916 यानी 22 कैरेट पाए जाने के दावे के बाद छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन ने मामले को गंभीरता से लिया है। एसोसिएशन ने इसे महज ग्राहक और प्रतिष्ठान के बीच का विवाद न मानते हुए उपभोक्ताओं के विश्वास, सराफा कारोबार की प्रतिष्ठा और स्वर्ण आभूषणों की जांच व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया है।
मामले को लेकर सोमवार को छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन की कोर कमेटी की ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रकरण के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा के बाद सर्वसम्मति से प्रदेशव्यापी स्तर पर ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया।
20 अगस्त को प्रदेशभर में कलेक्टरों को सौंपेंगे ज्ञापन-:
एसोसिएशन के निर्णय के अनुसार 20 अगस्त 2026 को प्रदेश के विभिन्न जिलों के सराफा व्यापारी अपने-अपने जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), केंद्रीय गृह मंत्रालय, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय तथा छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री कार्यालय को ज्ञापन भेजेंगे।
ज्ञापन में मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच, उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा, सराफा व्यापारियों की प्रतिष्ठा की रक्षा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की जाएगी।
एक ही जेवर की अलग-अलग रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता-:
सराफा एसोसिएशन का कहना है कि यदि एक ही स्वर्ण आभूषण की शुद्धता अलग-अलग जांच में अलग-अलग सामने आती है, तो इससे केवल संबंधित ग्राहक ही प्रभावित नहीं होता, बल्कि इसका असर पूरे सराफा कारोबार की विश्वसनीयता और ग्राहकों के भरोसे पर पड़ सकता है।
एसोसिएशन ने कहा कि मामले की तकनीकी, पारदर्शी और निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि वास्तविक तथ्य सामने आएं और उपभोक्ता तथा व्यापारी दोनों के हित सुरक्षित रह सकें।
बिलासपुर में आधे दिन बंद रहेगा सराफा बाजार-:
प्रदेश संगठन के निर्णय के बाद बिलासपुर सराफा एसोसिएशन की बैठक भी आयोजित की गई। इसमें विभिन्न सराफा इकाइयों के प्रतिनिधियों और प्रमुख व्यापारियों ने मामले पर चर्चा की।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 20 अगस्त, गुरुवार को बिलासपुर का सराफा बाजार आधे दिन बंद रखा जाएगा। इसके बाद सराफा व्यापारी एकजुट होकर गांधी चौक से जिला कलेक्टर कार्यालय तक पैदल मार्च करेंगे और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मालाबार ज्वेलरी शोरूम प्रकरण की निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग करेंगे।

एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यह आयोजन किसी व्यक्ति, प्रतिष्ठान अथवा संस्था के खिलाफ व्यक्तिगत विरोध नहीं है। इसका उद्देश्य उपभोक्ता जागरूकता बढ़ाना, व्यापारियों की प्रतिष्ठा और व्यापारिक हितों की रक्षा करना तथा जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता की मांग करना है।
बिलासपुर से लेकर बस्तर-सरगुजा तक व्यापारी एकजुट-:
बिलासपुर की बैठक में श्रीकांत पांडेय, जितेंद्र सोनी, नवनाथ सोनी, सूरज सोनी सहित प्रमुख सराफा व्यापारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
वहीं छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन की ऑनलाइन कोर कमेटी बैठक में अध्यक्ष श्री कमल सोनी, सचिव श्री प्रकाश गोलछा, कोषाध्यक्ष श्री हर्षवर्धन जैन, चेयरपर्सन एवं अध्यक्ष प्रतिनिधि श्री प्रदीप मारुति घोरपड़े सहित विभिन्न जोन के पदाधिकारी शामिल हुए।
इनमें रायपुर जोन के कार्यकारी अध्यक्ष श्री संजय कुमार कनुगा, दुर्ग जोन से श्री उत्तम चंद भंडारी, बिलासपुर जोन से श्री पवन अग्रवाल, बस्तर जोन से श्री राजू दुग्गड़ और सरगुजा जोन से श्री राजेश सोनी सहित अन्य प्रमुख पदाधिकारी शामिल रहे।

किसी संस्था को बदनाम करना उद्देश्य नहीं कमल सोनी-:
छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल सोनी ने कहा कि सराफा व्यापारियों का उद्देश्य किसी संस्था को बदनाम करना नहीं है। संगठन चाहता है कि उपभोक्ताओं और व्यापारियों दोनों के हित सुरक्षित रहें तथा स्वर्ण आभूषणों की जांच एवं मूल्यांकन प्रक्रिया पारदर्शी और विश्वसनीय हो।
उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्य सामने लाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि सराफा कारोबार की सबसे बड़ी पूंजी ग्राहकों का विश्वास है और इस विश्वास की रक्षा करना व्यापारी एवं उपभोक्ता दोनों के हित में आवश्यक है।

20 अगस्त पर टिकी नजरें-:
मालाबार ज्वेलरी शोरूम प्रकरण को लेकर अब 20 अगस्त का दिन बिलासपुर सहित प्रदेशभर के सराफा कारोबारियों के लिए अहम हो गया है। बिलासपुर में आधे दिन बाजार बंद रखने के बाद गांधी चौक से कलेक्टोरेट तक पैदल मार्च होगा, जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में भी कलेक्टरों के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार के संबंधित कार्यालयों को ज्ञापन भेजे जाएंगे।
सराफा एसोसिएशन का कहना है कि इस पूरे प्रयास का उद्देश्य विवाद को बढ़ाना नहीं, बल्कि जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित कर उपभोक्ता और व्यापारी दोनों के विश्वास की रक्षा करना है।

