खाद के लिए लाइन, डीजल पर पाबंदी…! अन्नदाता बेहाल सरकार बेखबर 9 सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले खाद, डीजल और बिजली संकट को लेकर मंगलवार को कांग्रेस ने जिला मुख्यालय में जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। किसान कांग्रेस और जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता बैलगाड़ी पर सवार होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और किसानों की बदहाल स्थिति को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम 9 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन प्रशासन को सौंपते हुए किसानों की समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की गई।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बैलगाड़ी यात्रा किसानों की मौजूदा स्थिति का प्रतीक है। सरकार आधुनिक कृषि सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि किसान खाद के लिए सोसायटियों के चक्कर काट रहा है और डीजल के लिए लंबी कतारों में खड़ा होने को मजबूर है।

बैलगाड़ी के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश का अन्नदाता आज खाद के एक-एक कट्टे के लिए तरस रहा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रभावशाली लोगों को आसानी से खाद मिल रही है, जबकि छोटे और सीमांत किसान घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाली हाथ लौट रहे हैं।
जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, जिला किसान कांग्रेस (शहर) के अध्यक्ष योगेश यादव तथा जिला किसान कांग्रेस (ग्रामीण) के अध्यक्ष संतोष बघेल के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि किसान हर सुबह इस उम्मीद के साथ घर से निकलता है कि शायद आज डीएपी खाद या डीजल मिल जाएगा, लेकिन दिनभर की मशक्कत के बाद उसके हिस्से में केवल निराशा आती है।

प्रति एकड़ एक बोरी’ नियम पर कांग्रेस का हमला
कांग्रेस ने सरकार द्वारा लागू प्रति एकड़ एक बोरी खाद वितरण व्यवस्था को किसान विरोधी और तुगलकी फरमान बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। नेताओं का कहना है कि खेती की जरूरत सरकारी आदेशों से नहीं, बल्कि फसल और भूमि की वास्तविक आवश्यकता से तय होती है।
तीन किश्तों में खाद वितरण का भी विरोध
ज्ञापन में पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को तीन किश्तों में खाद देने की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए। कांग्रेस का कहना है कि किसान खेती छोड़कर बार-बार सोसायटियों के चक्कर नहीं लगा सकता, इसलिए खाद एकमुश्त उपलब्ध कराई जाए और टोकन व्यवस्था समाप्त की जाए।
डीजल के लिए ट्रैक्टर ले जाने की मजबूरी पर नाराजगी प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों के पेट्रोल पंपों में किसानों को ट्रैक्टर लेकर डीजल लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है और सीमित मात्रा में ही डीजल दिया जा रहा है। कांग्रेस ने जरकिन और डिब्बों में डीजल देने पर लगी रोक हटाने की मांग भी उठाई।

बिजली, कालाबाजारी और भुगतान को लेकर भी उठी आवाज:-
कांग्रेस ने कृषि बिजली मुफ्त करने, अघोषित बिजली कटौती बंद करने, खाद की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई, पूरे प्रदेश में एक समान दर लागू करने, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण सीमा बढ़ाकर 40 हजार रुपए प्रति एकड़ करने, धान की राशि व बोनस का एकमुश्त भुगतान तथा कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की लंबित अनुदान राशि तत्काल जारी करने की मांग की।

उग्र आंदोलन की चेतावनी:-
कलेक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी के बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द खाद, डीजल और बिजली संकट का समाधान नहीं किया गया तो किसान कांग्रेस और जिला कांग्रेस पूरे प्रदेश में व्यापक और उग्र आंदोलन शुरू करेगी।
9 प्रमुख मांगें:-
प्रति एकड़ एक बोरी खाद का नियम वापस लिया जाए।
सभी किसानों को एकमुश्त खाद उपलब्ध कराई जाए।
आवश्यकता के अनुसार खाद-बीज लेने की स्वतंत्रता मिले।
जरकिन में डीजल देने पर लगी रोक हटाई जाए।
कृषि बिजली मुफ्त की जाए और कटौती बंद हो, खाद की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जाए।
KCC ऋण सीमा 40 हजार रुपए प्रति एकड़ की जाए।
धान की राशि और बोनस का एकमुश्त भुगतान किया जाए। लंबित अनुदान एवं सब्सिडी राशि तत्काल जारी की जाए।

