सशक्त ऐप ने एक बार फिर अपराधियों की कमर तोड़ी ACCU और सिविल लाइन थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई…!
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] बिलासपुर पुलिस की डिजिटल पहल ‘सशक्त ऐप’ ने एक बार फिर अपराधियों की कमर तोड़ दी है। ACCU और सिविल लाइन थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चोरी की तीन दोपहिया वाहन बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई में दो शातिर वाहन चोरों के साथ चोरी की बाइक खरीदने वाले दो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2023 में सिविल लाइन थाना क्षेत्र के बिलासा छात्रावास के सामने शीतला माता मंदिर के पास से चोरी हुई एक्टिवा स्कूटी के मामले की जांच लंबे समय से जारी थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग बेहद कम कीमत पर संदिग्ध दोपहिया वाहनों की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में ACCU और सिविल लाइन थाना पुलिस ने संयुक्त टीम बनाकर संदिग्धों की जांच की। उनके कब्जे में मिले वाहनों का ‘सशक्त ऐप’ के जरिए सत्यापन किया गया, जिसमें खुलासा हुआ कि वाहन बिल्हा, सिरगिट्टी और सिविल लाइन थाना क्षेत्रों से चोरी किए गए थे।
पूछताछ में आरोपी दुर्गेश निषाद (23) और ईश्वर निषाद (19) ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। दोनों ने कबूल किया कि उन्होंने बिल्हा थाना क्षेत्र के दगौरी से हीरो डिलक्स मोटरसाइकिल चोरी कर उसे लक्ष्मण विश्वकर्मा उर्फ गोविंदा को बेच दिया। वहीं वर्ष 2023 में सिविल लाइन क्षेत्र से चोरी की गई एक्टिवा स्कूटी आशुतोष मिरी को बेच दी थी। इसके अलावा तोरवा थाना क्षेत्र के चुचुहियापारा ओवरब्रिज के नीचे से एक अन्य मोटरसाइकिल चोरी कर उसका इस्तेमाल स्वयं कर रहे थे।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर तीनों चोरी की दोपहिया वाहन बरामद कर लिए। मामले में चोरी करने वाले दो आरोपियों के साथ चोरी के वाहन खरीदने वाले दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपी:-
दुर्गेश निषाद (23), निवासी लालखदान केवटपारा, तोरवा
ईश्वर निषाद (19), निवासी लालखदान केवटपारा, तोरवा
आशुतोष कुमार मिरी (29), निवासी चुचुहियापारा, सिरगिट्टी
लक्ष्मण विश्वकर्मा उर्फ गोविंदा (29), निवासी लालखदान, तोरवा
बरामद वाहन
एक्टिवा स्कूटी CG 10 JD 3517
हीरो डिलक्स मोटरसाइकिल CG 10 EE 2063
मोटरसाइकिल CG 10 BN 1522
पुलिस ने चारों आरोपियों को 30 जून 2026 को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। बिलासपुर पुलिस की इस कार्रवाई से एक बार फिर यह साबित हुआ है कि ‘सशक्त ऐप’ अपराधियों की पहचान और चोरी के वाहनों की ट्रैकिंग में बेहद प्रभावी साबित हो रहा है।

