अब पुलिस की दोहरी कार्रवाई के संकेत…
मृतक के परिजनों को बरगलाने वालों पर कसा शिकंजा…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर बाल संप्रेक्षण गृह (प्लेस ऑफ सेफ्टी/विशेष गृह) के चौकीदार नरेंद्र कुमार खांडे की हत्या के बाद चार किशोर अपचारियों के फरार होने के मामले में अब पुलिस ने दोहरी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। एक ओर फरार तीन किशोर अपचारियों की तलाश तेज कर दी गई है, वहीं दूसरी ओर मृतक के परिजनों को कथित रूप से भड़काकर धरना जारी रखने और अव्यावहारिक मांगों के लिए प्रेरित करने वाले लोगों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार 12-13 जुलाई 2026 की मध्यरात्रि हुई इस सनसनीखेज घटना के बाद थाना सरकण्डा में तत्काल अपराध दर्ज कर विशेष टीमें गठित की गईं। आरोपियों की तलाश में पुलिस दल कोरबा, रायगढ़, बिहार, अनूपपुर और उत्तर प्रदेश भेजे गए। कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि शेष तीन आरोपियों के संबंध में रायगढ़, बिहार और उत्तर प्रदेश से महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पुलिस का दावा है कि उन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस ने बताया कि घटना के बाद कुछ तथाकथित युवक मृतक के परिजनों से संपर्क कर उन्हें ऐसे आश्वासन और मांगों के लिए प्रेरित कर रहे हैं, जिनका किसी भी कानूनी प्रावधान में आधार नहीं है। प्रशासन का कहना है कि घटना के पहले दिन से ही शासन के नियमों के अनुरूप सहायता एवं मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी और इसकी पूरी जानकारी परिवार को उपलब्ध करा दी गई है।
इसके बावजूद कुछ लोगों द्वारा प्रत्यक्ष एवं पर्दे के पीछे से परिजनों को धरना-प्रदर्शन जारी रखने के लिए उकसाया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है। इनके खिलाफ साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं और यदि वे पहले से गंभीर मामलों में जमानत पर हैं तो उनकी जमानत निरस्त कराने के लिए संबंधित न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया जाएगा।
इधर पुलिस और जिला प्रशासन लगातार मृतक के परिजनों तथा धरनास्थल पर मौजूद लोगों से शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने और धरना समाप्त करने की अपील कर रहे हैं।
पुलिस ने यह भी बताया कि 18 जुलाई को मृतक की पत्नी की तबीयत बिगड़ने पर अनुभागीय अधिकारी (राजस्व) के निर्देश पर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें उपचार के लिए भर्ती करने की आवश्यकता बताई गई। प्रारंभिक अनिच्छा के बाद तहसीलदार और थाना प्रभारी सरकण्डा की समझाइश पर उन्हें देर रात सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बिलासपुर पुलिस और जिला प्रशासन का कहना है कि घटना के पहले दिन से ही मृतक परिवार के प्रति पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जा रहा है तथा इस जघन्य हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ निष्पक्ष, पारदर्शी और कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

