विभागीय सर्वे ने तोड़ी अफवाहें…! जुलाई में रायपुर बिलासपुर और दुर्ग में 28 से 53% तक घटी बिजली खपत…!
रायपुर/बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर स्मार्ट मीटर को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों और अफवाहों के बीच छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (सीएसपीडीसीएल) ने बड़ा तथ्यात्मक खुलासा किया है। कंपनी द्वारा रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में स्मार्ट मीटर लगे लाखों घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली खपत का तीन माह का तुलनात्मक अध्ययन कराया गया, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि स्मार्ट मीटर बिजली की खपत नहीं बढ़ाता, बल्कि उपभोक्ता द्वारा वास्तविक उपयोग के आधार पर ही खपत दर्ज होती है।
सर्वे के अनुसार मई, जून और जुलाई 2026 के आंकड़ों का विश्लेषण करने पर तीनों शहरों में जुलाई माह के दौरान बिजली खपत में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। रायपुर में स्मार्ट मीटर वाले 3.11 लाख से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं की कुल बिजली खपत जून की तुलना में करीब 28 प्रतिशत कम रही। वहीं 400 यूनिट से अधिक खपत वाले उपभोक्ताओं में यह कमी लगभग 44 प्रतिशत दर्ज की गई।
इसी तरह दुर्ग में 400 यूनिट से अधिक मासिक खपत वाले चयनित उपभोक्ताओं की बिजली खपत जुलाई में करीब 53 प्रतिशत घट गई। बिलासपुर सिटी सर्किल में भी 9,717 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की औसत मासिक खपत मई के 524 यूनिट और जून के 596 यूनिट से घटकर जुलाई में 312 यूनिट रह गई, यानी करीब 43 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई।
बिजली विभाग का कहना है कि अधिक बिजली बिल का कारण स्मार्ट मीटर नहीं, बल्कि गर्मी के मौसम में एसी, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों का अधिक उपयोग है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन घरों में अभी स्मार्ट मीटर नहीं लगे हैं, वहां भी मई और जून में पिछले वर्ष की तुलना में अधिक बिजली खपत दर्ज हुई, जबकि जुलाई में खपत स्वाभाविक रूप से कम हो गई।
विभाग ने बताया कि अब स्वीकृत भार से अधिक उपयोग करने पर लगने वाली सप्लाई अफोर्डिंग राशि भी नई व्यवस्था के तहत वर्ष में केवल एक बार दिसंबर माह के बिल (जो जनवरी में जारी होगा) में जोड़ी जाएगी, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे ‘मोर बिजली’ ऐप के माध्यम से अपनी बिजली खपत की नियमित निगरानी करें। स्मार्ट मीटर उपभोक्ता ऐप पर प्रतिदिन और प्रत्येक आधे घंटे की बिजली खपत देख सकते हैं। वहीं किसी भी शिकायत या शंका के समाधान के लिए विभाग का टोल फ्री नंबर 1912 उपलब्ध है।
बिजली विभाग ने यह भी जानकारी दी कि अब तक लगाए गए 4,500 चेक मीटरों की जांच में स्मार्ट मीटर और चेक मीटर की रीडिंग पूरी तरह समान पाई गई है। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे स्मार्ट मीटर से जुड़ी किसी भी भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें और केवल विभाग द्वारा जारी तथ्यात्मक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

