यूनाइटेड नेशंस में छात्रों ने संसद से संयुक्त राष्ट्र तक निभाई नेताओं और वैश्विक प्रतिनिधियों की भूमिका…!
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर ड्रीमलैंड हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित मॉडल यूनाइटेड नेशंस (DMUN) का भव्य आयोजन विद्यार्थियों की प्रतिभा नेतृत्व क्षमता और लोकतांत्रिक सोच का जीवंत मंच बन गया। कार्यक्रम में छात्रों ने भारतीय संसद, विधानसभा, संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA), विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और आईपीएल जैसे विभिन्न मंचों की कार्यप्रणाली का प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए अपनी तार्किक क्षमता, नेतृत्व कौशल और अभिव्यक्ति का परिचय दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कांग्रेस के पूर्व विधायक एवं सी.वी. रमन विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति शैलेश पांडे, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुधांशु मिश्रा, जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष एवं जिला सहकारी कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद नायक तथा छत्तीसगढ़ एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष सुशांक लकी मिश्रा रहे। सभी अतिथियों का विद्यालय की प्राचार्या निवेदिता सरकार एवं वाइस प्राचार्या तपोषी सरकार ने ग्रीन बुके भेंटकर आत्मीय स्वागत किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद अतिथियों का सम्मान किया गया और विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न समितियों की कार्यवाही प्रारंभ की।
अपने प्रेरक संबोधन में सुधांशु मिश्रा ने कहा कि लोकतंत्र की शुरुआत हमारे घर से होती है। यदि प्रत्येक व्यक्ति सहायता करने और दूसरों की सराहना करने की आदत विकसित कर ले, तो समाज अधिक सकारात्मक और मजबूत बन सकता है।

मुख्य अतिथि शैलेश पांडे ने विद्यार्थियों को मोबाइल की अनावश्यक लत से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि जीवन में सबसे बड़ी उपलब्धि एक अच्छा इंसान बनना है। उन्होंने विद्यार्थियों से ज्ञान, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को अपनाकर समाज के लिए प्रेरणा बनने का आह्वान किया।
प्रमोद नायक ने अपने उद्बोधन की शुरुआत भारत माता की जय के उद्घोष से की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह देश के संविधान को समझे, उसका सम्मान करे और उसकी रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहे।

संविधान ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है।
वहीं सुशांक लकी मिश्रा ने डीएमयूएन के अध्यक्ष आयुष एवं आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में नेतृत्व, तर्कशक्ति, संवाद कौशल और लोकतांत्रिक मूल्यों का विकास करते हैं। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक एवं राजनीतिक जागरूकता से जुड़े आयोजनों को निरंतर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

विद्यालय की प्राचार्या निवेदिता सरकार ने कहा कि ड्रीमलैंड स्कूल का सदैव प्रयास रहा है कि विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान ही नहीं, बल्कि ऐसा मंच भी उपलब्ध कराया जाए जहां वे अपनी प्रतिभा, नेतृत्व क्षमता और व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास कर सकें। उन्होंने कहा कि मॉडल यूनाइटेड नेशंस जैसे आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं।

कार्यक्रम में डीएमयूएन को छह प्रमुख समितियों में विभाजित किया गया था। लोकसभा समिति में सौभाग्य मिश्रा, अनुष्का पूरे, अभिनव गौण, नित्यवीर सिंह ठाकुर एवं अनन्या राठौर ने सांसदों की भूमिका निभाते हुए विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर प्रभावशाली तर्क प्रस्तुत किए।

विधानसभा समिति में प्रगति चंद्र, विजय शर्मा, बबीता साहू, भूपेश बघेल, आयुष निर्मलकर, देवेंद्र यादव, ओमी कुंभकार एवं राघवेंद्र सिंह की भूमिका निभाने वाले विद्यार्थियों ने राज्य के विभिन्न विषयों पर चर्चा करते हुए सवाल-जवाब और बहस के माध्यम से अपनी उत्कृष्ट अभिव्यक्ति का परिचय दिया।



यूएनजीए (UNGA) एवं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा समिति में विद्यार्थियों ने भारत सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधि बनकर वैश्विक मुद्दों पर गंभीर बहस की। भारत का प्रतिनिधित्व राशि सरकार ने किया, जबकि अल्पना कोरी, प्राची, सुमायरा और नूपुर सोलंकी सहित अन्य विद्यार्थियों ने अलग-अलग देशों के प्रतिनिधि बनकर विश्व शांति, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे विषयों पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए।

इसके अतिरिक्त विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) तथा आईपीएल समिति में भी विद्यार्थियों ने समसामयिक विषयों पर रोचक एवं ज्ञानवर्धक चर्चाएं कीं। पूरे आयोजन के दौरान प्रतिभागियों में गजब का उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए स्वल्पाहार की भी व्यवस्था की गई।



ज्ञान, नेतृत्व, तर्कशक्ति और लोकतांत्रिक मूल्यों से परिपूर्ण यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए एक यादगार अनुभव साबित हुआ। अंत में विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों शिक्षकों आयोजन समिति एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उत्साह, अनुशासन और रचनात्मक बहस से भरपूर यह आयोजन सभी के लिए प्रेरणादायी बन गया।

