प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने एसएसपी को लिखा पत्र चोरी के मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग…
बिलासपुर-{जनहित न्यूज़}
बिलासपुर शहर के सराफा कारोबार में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए बिलासपुर सराफा एसोसिएशन ने सरकंडा स्थित दिव्या ज्वेलर्स को अपनी सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। एसोसिएशन ने लगातार सामने आ रहे चोरी के स्वर्णाभूषणों से जुड़े मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, वैज्ञानिक और गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
बिलासपुर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने पुलिस अधीक्षक को भेजे गए पत्र में कहा है कि पिछले कुछ समय से दिव्या ज्वेलर्स का नाम चोरी के स्वर्णाभूषणों की खरीद-फरोख्त और बरामदगी से जुड़े मामलों में लगातार सामने आ रहा है। 4 अगस्त को सामने आए नए मामले ने सराफा व्यापारियों की चिंता और बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि किसी एक प्रतिष्ठान का बार-बार ऐसे मामलों में नाम आने से पूरे सराफा समाज की छवि धूमिल होती है और ईमानदार व्यापारियों की वर्षों की मेहनत से अर्जित प्रतिष्ठा प्रभावित होती है।
कमल सोनी ने स्पष्ट किया कि बिलासपुर सराफा एसोसिएशन हमेशा पारदर्शी, स्वच्छ और कानूनसम्मत व्यापार का पक्षधर रहा है। इसी सिद्धांत के तहत दिव्या ज्वेलर्स को संगठन की सदस्यता से निष्कासित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसी व्यक्तिगत कारण से नहीं, बल्कि व्यापारिक नैतिकता, सराफा समाज की गरिमा और ईमानदार व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए लिया गया है।
उन्होंने दो टूक कहा कि भविष्य में यदि उक्त प्रतिष्ठान किसी भी प्रकार की अवैधानिक, आपराधिक या समाज विरोधी गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है, तो उससे बिलासपुर एवं छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन का किसी भी प्रकार का कोई संबंध या समर्थन नहीं रहेगा। संगठन ऐसे किसी भी कृत्य का समर्थन या संरक्षण नहीं करेगा।
एसोसिएशन ने पुलिस प्रशासन से चोरी के स्वर्णाभूषणों की खरीद-फरोख्त करने वाले पूरे नेटवर्क का खुलासा कर उस पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की है, ताकि आम नागरिकों और व्यापारियों का कानून व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत हो सके।
कमल सोनी ने यह भी बताया कि 28 जून 2026 को बिलासपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ सराफा महासम्मेलन में उपमुख्यमंत्री अरुण साव तथा उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा की उपस्थिति में भी चोरी के स्वर्णाभूषणों के अवैध लेन-देन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। उस दौरान गोल्ड लोन देने वाली बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थाओं द्वारा पर्याप्त सत्यापन के अभाव में चोरी के आभूषण स्वीकार किए जाने पर भी चिंता जताई गई थी।
एसोसिएशन ने सरकार और संबंधित विभागों से गोल्ड लोन उपलब्ध कराने वाली संस्थाओं के लिए सख्त सत्यापन प्रणाली, स्पष्ट दिशा-निर्देश और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू करने की मांग की है, जिससे चोरी के स्वर्णाभूषणों की खरीद, गिरवीकरण और अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
अंत में कमल सोनी ने कहा कि बिलासपुर सराफा एसोसिएशन और छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन कानून का पालन करने वाले सभी व्यापारियों के साथ मजबूती से खड़े हैं। जो भी व्यक्ति या प्रतिष्ठान अपने कृत्यों से पूरे सराफा समाज की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ संगठन भविष्य में भी ऐसे ही कड़े और संस्थागत निर्णय लेने से पीछे नहीं हटेगा। साथ ही पुलिस प्रशासन को हर संभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।



