सुरक्षा की मशाल लेकर कर्मचारियों ने लिया सुरक्षित अस्पताल के निर्माण का संकल्प…
बिलासपुर-[जनहित न्यूज़] मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के साथ अस्पताल में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। सोमवार को अस्पताल परिसर में अपोलो सेफ्टी ओलंपिक्स-
2026का उत्साहपूर्ण शुभारंभ किया गया। अभियान का उद्देश्य अस्पताल में सुरक्षा जागरूकता को बढ़ावा देना, कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों के लिए तैयार करना और सुरक्षित कार्यसंस्कृति को और मजबूत करना है।
कार्यक्रम का नेतृत्व अभय कुमार गुप्ता, यूनिट हेड, अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर ने किया। इस अवसर पर अस्पताल के सभी कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए मरीजों, परिजनों, आगंतुकों और सहकर्मियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का सामूहिक संकल्प लिया।
प्रशिक्षण, क्विज और टीम गतिविधियों से बढ़ेगी सुरक्षा जागरूकता:-
‘अपोलो सेफ्टी ओलंपिक्स-2026’ के अंतर्गत कर्मचारियों के लिए विभिन्न सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम, प्रशिक्षण सत्र, क्विज, टीम गतिविधियां और इंटरैक्टिव चैलेंज आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों के माध्यम से कर्मचारियों को संभावित खतरों की पहचान, समय पर रिपोर्टिंग, सुरक्षित कार्यप्रणाली तथा आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी प्रतिक्रिया के संबंध में व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।

कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सुरक्षा किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि अस्पताल से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति का साझा दायित्व है। छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर परिणाम का कारण बन सकती है। ऐसे में प्रत्येक कर्मचारी को सजग, जिम्मेदार और सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
फायर सेफ्टी से लेकर HAZMAT और कोड ब्लैक तक होंगी ड्रिल:-
अभियान के दौरान अस्पताल में विभिन्न सुरक्षा अभ्यास और आपातकालीन ड्रिल आयोजित की जाएंगी। इनमें फायर सेफ्टी ड्रिल, HAZMAT ड्रिल, कोड ब्लैक ड्रिल, बायोमेडिकल उपकरण रिकॉल तथा अन्य आपदा प्रबंधन अभ्यास शामिल हैं।
इन अभ्यासों का उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में कर्मचारियों की तत्परता, टीम समन्वय और प्रभावी प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन करना है। ड्रिल के दौरान सामने आने वाली कमियों की पहचान कर उन्हें समयबद्ध तरीके से दूर किया जाएगा। अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि सुरक्षा के क्षेत्र में केवल ड्रिल पूरी करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि प्रत्येक अभ्यास से सीख लेकर व्यवस्था में निरंतर सुधार करना भी जरूरी है।
सुरक्षा की मशाल लेकर निकला मार्च गूंजे सुरक्षित अस्पताल के संदेश:-
शुभारंभ अवसर पर सेफ्टी मशाल मार्च का भी आयोजन किया गया। इसका नेतृत्व यूनिट हेड अभय कुमार गुप्ता ने किया। उनके साथ अस्पताल के कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लेते हुए सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की।
मशाल मार्च के माध्यम से अस्पताल परिसर में यह संदेश दिया गया कि सुरक्षा की मशाल प्रत्येक कर्मचारी तक पहुंचे और सुरक्षित व्यवहार अस्पताल की दैनिक कार्यसंस्कृति का अभिन्न हिस्सा बने। कर्मचारियों ने सुरक्षा हमेशा पहले और सुरक्षित अस्पताल, स्वस्थ समाज’ जैसे संदेशों के साथ अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
उत्कृष्ट चिकित्सा के साथ सर्वोच्च सुरक्षा मानकों का लक्ष्य:-
अभय कुमार गुप्ता ने कहा कि अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर मरीजों को उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ उच्चतम सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। अपोलो सेफ्टी ओलंपिक्स-
2026के माध्यम से कर्मचारियों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता, जिम्मेदारी और सक्रिय सहभागिता को बढ़ावा देना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।

उन्होंने कर्मचारियों से सुरक्षा नियमों का पूरी गंभीरता से पालन करने, संभावित खतरों और निकट-दुर्घटनाओं की तत्काल रिपोर्टिंग करने तथा सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सक्रिय योगदान देने की अपील की।
कार्यक्रम का समापन कर्मचारियों द्वारा सुरक्षित अस्पताल और सुरक्षित कार्यसंस्कृति के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

